शहर के सेक्टर-18 ओल्ड रोड पर बृहस्पतिवार सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने सड़क किनारे बैठी करीब 10 गायों के झुंड को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि छह गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार गाय गंभीर रूप से घायल हो गईं। सड़क पर घायल गायों की तड़प और मृत पशुओं को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साई भीड़ ने दुर्घटना करने वाले ट्रक में आग लगा दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं लोगों ने ट्रक चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय गायें सड़क के एक किनारे बैठी हुई थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रहा ट्रक सीधे उनके ऊपर चढ़ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छह गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, राहगीर और गौ सेवक मौके पर एकत्र हो गए। गौ रक्षा दल के सदस्य गोपाल शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम मौके पर पहुंची। वहां का दृश्य बेहद दर्दनाक था। मृत गायों के शव सड़क पर पड़े थे और घायल गायें तड़प रही थीं। स्थानीय लोगों की मदद से घायल गायों को उपचार के लिए नजदीकी गौशालाओं में भेजा गया, जबकि मृत गायों के शव पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेजे गए हैं।
गोपाल शर्मा ने आरोप लगाया कि ट्रक चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था और उन्हें आशंका है कि चालक नशे की हालत में भी हो सकता है। उनका कहना है कि यदि चालक सतर्क रहता तो इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पशुओं की जान के साथ इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। हादसे के बाद लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने ट्रक में आग लगा दी। देखते ही देखते ट्रक धू-धू कर जलने लगा।
सूचना मिलने पर ओल्ड थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को शांत कराया, जबकि दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ओल्ड थाना प्रभारी विष्णु ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंधेरा होने के कारण ट्रक चालक को सड़क किनारे बैठी गायें दिखाई नहीं दीं, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यदि जांच में तेज रफ्तार, लापरवाही, नशे की हालत में वाहन चलाने या अन्य किसी प्रकार की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ट्रक में आग लगाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।