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Faridabad News: घर घर जाकर विशेष टीमें देंगी कचरा अलग करने की ट्रेनिंग, 7-स्टार रेटिंग लक्ष्य

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33% महिला भागीदारी और जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से मिलेगी कामयाबी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को कचरे के दाग से मुक्त करने की दिशा में नगर निगम ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को गार्बेज फ्री घोषित कराने और केंद्र सरकार की 7-स्टार रेटिंग हासिल करने के लक्ष्य के साथ एक साल की विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। करीब 375 से 400 करोड़ रुपये की लागत से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। वहीं एक विशेष एजेंसी घर-घर जाकर लोगों की आदतों में बदलाव लाने का काम करेगी।

फरीदाबाद में रोजाना अनुमानित 900 से 1000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। शहर की आबादी करीब 20 लाख है और 46 वार्डों में फैले रिहायशी व औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण अब बड़ी चुनौती बन चुका है। नगर निगम का मानना है कि जब तक घरों से ही कचरा अलग-अलग नहीं निकलेगा तब तक स्वच्छता का लक्ष्य अधूरा रहेगा। स्वच्छता अभियान को सामाजिक आंदोलन का रूप देने के लिए कम से कम 33 प्रतिशत महिला भागीदारी अनिवार्य की गई है। स्वयं सहायता समूहों, आरडब्ल्यूए और बाजार संघों को भी जोड़ा जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों में स्वच्छता रैली, पोस्टर प्रतियोगिता और जीरो वेस्ट डे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे बच्चों और युवाओं में व्यवहारिक बदलाव लाने की कोशिश होगी।
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योजना के तहत नियुक्त की जाने वाली एजेंसी के कर्मचारी प्रत्येक वार्ड में घरों, दुकानों, रेहड़ी-पटरी संचालकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचेंगे। लोगों को सूखा, गीला और घरेलू खतरनाक कचरा अलग करने का तरीका समझाया जाएगा। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निगम की गाड़ियों तक कचरा अलग-अलग श्रेणी में ही पहुंचे। इसके लिए रंगीन डस्टबिन, पंपलेट और स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में बार-बार मिश्रित कचरा दिया जाएगा, वहां चेतावनी और जुर्माने की व्यवस्था भी लागू की जा सकती है।

डंपिंग पॉइंट्स की होगी पहचान और कायाकल्प

एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद के कई इलाकों में अनधिकृत कूड़ा फेंकने के स्थान बन चुके हैं। नई योजना के तहत ऐसे सभी ओपन डंपिंग पॉइंट्स की सूची तैयार की जाएगी। इन स्थानों को साफ कर वहां हरियाली, पेंटिंग या छोटे पार्क विकसित करने की योजना है ताकि दोबारा वहां कचरा न डाला जाए। निगम अधिकारियों का मानना है कि शहर में लगभग 150 से अधिक ऐसे छोटे-बड़े अस्थायी डंपिंग पॉइंट्स चिन्हित किए जा सकते हैं।

सफाई मित्रों को आधुनिक प्रशिक्षण

करीब 3 हजार से अधिक सफाई मित्र शहर की स्वच्छता व्यवस्था संभाल रहे हैं। नई योजना के तहत उन्हें कचरा संग्रहण के वैज्ञानिक तरीके, रूट प्लानिंग, सेफ्टी गियर के उपयोग और मशीन आधारित सफाई के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जीपीएस निगरानी और साप्ताहिक फीडबैक

सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियों की लोकेशन रियल टाइम में मॉनिटर होगी। हर वार्ड में हर सप्ताह कम से कम 100 घरों से फीडबैक लिया जाएगा। इस फीडबैक के आधार पर संबंधित क्षेत्र की सफाई व्यवस्था की ग्रेडिंग की जाएगी। जहां शिकायतें अधिक मिलेंगी वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। ग्रेटर फरीदाबाद की बड़ी हाउसिंग सोसाइटियों में जीरो वेस्ट सोसाइटी मॉडल लागू करने की योजना है। इसके तहत सोसायटी स्तर पर ही गीले कचरे से खाद बनाने और सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग के लिए अलग करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे शहर के बड़े डंपिंग यार्डों पर दबाव कम होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।
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अगले सर्वेक्षण तक फरीदाबाद को उच्चतम श्रेणी में लाना निगम का लक्ष्य

केंद्र सरकार की गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग में 1 से 7 स्टार तक का मूल्यांकन किया जाता है। नगर निगम का लक्ष्य अगले सर्वेक्षण तक फरीदाबाद को उच्चतम श्रेणी में लाना है। इसके लिए स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों के अनुसार कचरा प्रसंस्करण, डंपिंग साइट रिमेडिएशन और नागरिक सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो आने वाले एक साल में शहर की तस्वीर बदली हुई नजर आ सकती है। साफ सड़कों, कम डंपिंग पॉइंट्स और बेहतर कचरा प्रबंधन से न केवल शहर की छवि सुधरेगी, बल्कि नागरिकों की सेहत और पर्यावरण को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

शहर को स्वच्छ बनाने के लिए निगम हर स्तर पर तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। -धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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