आईएमटी सेक्टर-69 में हुआ हादसा, एक मजदूर हो सुरक्षित बाहर निकाला गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आईएमटी सेक्टर-69 स्थित एक निर्माणाधीन फैक्टरी में बेसमेंट की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से मजदूर मनसुख की मौत हो गई। हादसा बृहस्पतिवार शाम करीब 5:40 बजे हुआ। मिट्टी के नीचे दबे एक अन्य मजदूर राजेश को साथियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मृतक मनसुख उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के गांव अधैया श्रीमऊ सोडी (आशापुरवा) का रहने वाला था। वह प्लॉट नंबर-856, सेक्टर-69 आईएमटी स्थित निर्माणाधीन फैक्टरी में मजदूरी कर रहा था। घटना के समय मनसुख के साथ राजेश , सुनील और वर्मा शंकर भी साइट पर काम कर रहे थे। शिकायतकर्ता अंकित ने पुलिस को बताया कि निर्माणाधीन दीवार के पास काम के दौरान अचानक मिट्टी भरभराकर गिर गई। इससे मनसुख और राजेश मिट्टी के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद मजदूरों ने राजेश को बाहर निकाल लिया, लेकिन मनसुख को नहीं बचाया जा सका। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर ठेकेदार, सुपरवाइजर और आर्किटेक्ट के खिलाफ 18 जून को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
बिना सुरक्षा उपकरण गहरी खुदाई में उतारे मजदूर
मजदूरों की आपत्ति को किया गया नजरअंदाज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक मनसुख के साथी अंकित ने आरोप लगाया है कि मजदूरों ने पहले ही गहरी खुदाई वाले स्थान पर काम करने को लेकर खतरा जताया था, लेकिन उनकी आपत्ति को नजरअंदाज कर दिया गया।
अंकित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि प्लॉट नंबर-856 पर नई फैक्टरी का निर्माण कार्य चल रहा है। वह वहीं रहकर मजदूरी करता है। उसके अनुसार 18 जून की शाम ठेकेदार, सुपरवाइजर और आर्किटेक्ट ने मनसुख, राजेश, सुनील और वर्मा शंकर को निर्माणाधीन दीवार के पास पैड लगाने के लिए भेजा था। शिकायत में कहा गया है कि मजदूरों ने अधिकारियों को बताया था कि बेसमेंट के लिए काफी गहरी खुदाई हो चुकी है और वहां मिट्टी धंसने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने मालिक से बात कराने की मांग भी की थी। आरोप है कि इसके बावजूद मजदूरों को काम बंद करने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें बिना किसी सुरक्षा किट, हेलमेट, बेल्ट या अन्य सुरक्षा उपकरण के काम पर लगा दिया गया।
अंकित के अनुसार काम के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और मनसुख व राजेश उसके नीचे दब गए। राजेश को तो बाहर निकाल लिया गया, लेकिन मनसुख की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और मजदूरों की चेतावनी को गंभीरता से लिया जाता तो हादसे को टाला जा सकता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि निर्माण स्थल पर श्रम सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।