रोजाना 250 सिलिंडर पांच किलो के बांटे जा रहे फिर भी गैस की कालाबाजारी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में छोटे गैस सिलिंडरों की उपलब्धता के बावजूद जानकारी के अभाव ने आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी स्तर पर रोजाना करीब 250 सिलिंडर पांच किलो के बांटे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में छोटे सिलिंडर मौजूद है, पर लोग अब भी बिचौलियों के जरिये महंगी दरों पर गैस खरीद रहे हैं।
शहर के अलग-अलग इलाकों में छोटे गैस सिलिंडर को लेकर एक अलग तरह का संकट देखने को मिल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार रोजाना करीब 250 छोटे सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इनका लाभ सीमित लोगों तक ही पहुंच पा रहा है।
जमीनी स्तर पर स्थिति इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। खासकर चाय, मोमोज और छोटे फास्ट फूड स्टॉल चलाने वाले दुकानदार अब भी बिचौलियों के भरोसे हैं। बिचौलिए चोरी छिपे बाजार में गैस को 350 से 400 रुपये प्रति किलो तक बेच रहे हैं जिससे छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ गई है और मुनाफा घट रहा है।
एनआईटी क्षेत्र में चाय की दुकान चलाने वाले दुकानदारों ने बताया कि उन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि छोटे सिलिंडर सीधे भी मिल सकते हैं। वे अब भी सिलिंडर बिचौलियों से ही खरीद रहे हैं। जो 350-400 रुपये किलो के हिसाब से गैस देते हैं।
वहीं जानकारों का कहना है कि जमीनी स्तर पर इतनी किल्लत नहीं है लेकिन लोग जरूरत से ज्यादा सिलिंडर खरीद रहे हैं इसलिए सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति पहले से काफी ठीक हो गई है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की तरफ से भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभी तक करीब 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है वहीं बड़ी मात्रा में सिलिंडर भी जब्त किए गए हैं।
गैस की किल्लत को लेकर चल रही अफवाहों का असर फील्ड पर काम करने वाले गरीब लोगों पर अधिक पड़ रहा है। जहां एक तरफ छोटे दुकानदारों को सामान मंहगा खरीदना पड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ मजदूर, ड्राइवरी व फील्ड पर काम करने वाले लोगों को महंगा सामान खरीदना पड़ रहा है।
अगर छोटे सिलिंडर बिना किसी परेशानी के मिल रहे हैं तो काफी अच्छी बात होगी। इससे काम करने में काफी आसान हो जाएगा। - राजेश
सरकार की तरफ से सिलिंडर को लेकर लगातार जानकारी दी जा रही है, यह एक अच्छा काम है। - सतीश