चुनाव आयोग के आंकड़ों के बाद जिले के चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र की नौ विधानसभा सीटों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 6,21,479 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के बाद जिले के चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। कई क्षेत्रों में हटाए गए मतदाताओं की संख्या साल 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में विजयी उम्मीदवारों के जीत के अंतर से कई गुना अधिक है। फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में फरीदाबाद, एनआईटी, बड़खल, बल्लभगढ़, तिगांव, पृथला, पलवल, होडल और हथीन विधानसभा सीटें शामिल हैं।
बल्लभगढ़ विधानसभा से कटे सबसे अधिक वोट
एसआईआर के दौरान सबसे अधिक 1,01,636 नाम बल्लभगढ़ विधानसभा से काटे गए हैं। इसके बाद तिगांव में 99,847, फरीदाबाद में 97,483, बड़खल में 92,073, एनआईटी से 92,146 और पृथला में 39,108 मतदाताओं के नाम काटे गए है। वहीं, पलवल में 52,892, होडल में 25,050 और हथीन में 21,244 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं।
विज्ञापन
हथीन विधानसभा में सबसे कम वोट कटे
एसआईआर प्रक्रिया में हथीन विधानसभा में सबसे कम वोट कटे हैं। यहां कांग्रेस के मोहम्मद इसराइल चौधरी ने 32,396 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जबकि पुनरीक्षण के दौरान केवल 21,244 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। नौ विधानसभा क्षेत्रों में यह एकमात्र सीट है, जहां हटाए गए मतदाता जीत के अंतर से कम हैं।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक सूची है। 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित होंगी तथा पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाएंगे। तीन अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। हालांकि शुरुआती आंकड़ों ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। बूथ स्तर पर वोट बैंक और चुनावी रणनीति को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच हलचल तेज हो गई है। इन बदलावों का आगामी चुनावों पर असर पड़ने के आसार हैं।