सुबह के समय औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नहीं मिलती हैं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन की कमी परेशानी का कारण बनी हुई है। आईएमटी फरीदाबाद, सेक्टर-58 और 59 तथा सेक्टर-24 और 25 के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं अलग-अलग शिफ्ट में काम करती हैं। सुबह जल्दी शुरू होने वाली शिफ्ट में समय पर कार्यस्थल पहुंचना और शाम को छुट्टी के बाद घर लौटना उनके लिए चुनौती बना हुआ है।
महिलाओं ने बताया कि सुबह के समय औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाने वाली बसों की संख्या पर्याप्त नहीं है। बस के इंतजार में कई बार काफी समय निकल जाता है। शिफ्ट का समय निर्धारित होने के कारण देर से पहुंचने की चिंता बनी रहती है। वहीं, शाम को ड्यूटी खत्म होने के बाद भी घर जाने के लिए आसानी से बस नहीं मिलती। ऐसे में महिलाओं को ऑटो और ई-रिक्शा जैसे निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
दूर-दराज के क्षेत्रों से औद्योगिक इकाइयों में नौकरी करने आने वाली महिलाओं के लिए परेशानी और अधिक है। सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित होने के कारण उन्हें घर से काफी पहले निकलना पड़ता है। वहीं, छुट्टी के बाद साधन मिलने में देरी होने पर घर पहुंचने में भी समय लगता है। कई महिलाओं के लिए निजी साधन से रोजाना आना-जाना अतिरिक्त खर्च का कारण बन रहा है।
महिलाओं का कहना है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बसों के अतिरिक्त फेरे लगाए जाने चाहिए। साथ ही, कर्मचारियों की शिफ्ट के समय को ध्यान में रखते हुए प्रमुख रूट पर नियमित बस सेवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे महिलाओं को समय पर ड्यूटी पहुंचने और कम खर्च में घर लौटने की सुविधा मिल सकेगी।
सुबह की शिफ्ट के समय बस का इंतजार करना पड़ता है। कई बार बस देर से मिलती है, जिससे समय पर ड्यूटी पहुंचने की चिंता रहती है। इस समय बसों की संख्या बढ़ाई जाए तो काफी सुविधा होगी। - सीमा
शाम को छुट्टी होने के बाद घर जाने के लिए बस आसानी से नहीं मिलती। इसका फायदा उठाकर ऑटो चालक कई बार ज्यादा किराया वसूलते हैं, जिससे रोज का खर्च बढ़ जाता है। - कल्पना