राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने तकनीकी सहायता शिविर का किया आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। देश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के योगदान का आकलन करने के लिए किए जा रहे निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण को लेकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने फरीदाबाद में तकनीकी सहायता शिविर का आयोजन किया। शिविर में करीब 100 निगमित सेवा क्षेत्र के उद्यमों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने उद्यम प्रतिनिधियों को सर्वेक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं, पोर्टल पर जानकारी भरने और आंकड़े उपलब्ध कराने की तकनीकी जानकारी दी।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) की ओर से स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, उपभोक्ता व्यय, मूल्य सांख्यिकी और औद्योगिक सांख्यिकी सहित कई सामाजिक एवं आर्थिक विषयों पर नियमित सर्वेक्षण किए जाते हैं। इनमें निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण भी शामिल है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से सेवा क्षेत्र के उद्यमों से सृजित सकल मूल्य वर्धन (ग्रॉस वैल्यू एडेड) का आकलन किया जाता है। इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सेवा क्षेत्र के योगदान का अनुमान लगाने में मदद मिलती है। साथ ही सेवा क्षेत्र की स्थिति, विकास और संरचनात्मक बदलावों का विश्लेषण भी किया जाता है।
समस्याओं का समाधान किया गया
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यह सर्वेक्षण देशभर में एक अप्रैल 2026 से शुरू किया गया है। इसी क्रम में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के उप क्षेत्रीय कार्यालय फरीदाबाद की ओर से 30 जुलाई को केंद्रीय भूजल बोर्ड, भूजल भवन, एनएच-4, एनआईटी फरीदाबाद में सुविधा शिविर लगाया गया। शिविर में उद्यम प्रतिनिधियों को सर्वेक्षण विवरण भरने में आने वाली समस्याओं का समाधान किया गया। अधिकारियों ने पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने, सहायक दस्तावेज अपलोड करने, सीपीसी और एनआईसी कोड के वर्गीकरण, सर्वेक्षण की अवधारणाओं और परिभाषाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सटीक आंकड़े नीति निर्माण का आधार : मेहरा
शिविर का उद्घाटन और अध्यक्षता राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एफओडी), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के उप महानिदेशक दीपक मेहरा ने की। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए सटीक और विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े बेहद जरूरी हैं। वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए आंकड़े ही सरकार को बेहतर नीतियां बनाने और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में मदद करते हैं। उन्होंने उद्यम प्रतिनिधियों से सर्वेक्षण में सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। शिविर के दौरान संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिनिधियों की समस्याओं और सवालों का समाधान किया गया।