फरीदाबाद। नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को दूसरे दिन भी नगर निगम के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। निगम कर्मचारियों ने मुख्यालय के बाहर धरना दिया और हाथों में झाड़ू लेकर बीके चौक से नीलम और नीलम चौक से वापस बीके चौक तक रोष मार्च निकाला। निगम कर्मचारियों ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों नहीं माने जाने पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार हठधर्मिता छोड़ बातचीत के माध्यम से पालिका कर्मचारियों की मांगों का समाधान करें। जब तक शहरी स्थानीय निकाय मंत्री संघ के साथ 25 अप्रैल को हुए समझौते के अनुसार मानी गई मांगों को का निवारण नहीं करेगी तब तक पालिका कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी पालिका, परिषद, निगम और दमकल केंद्रों के कर्मचारी 3 जुलाई को छंटनी, निजीकरण, महंगाई व कर्मचारियों की अन्य मांगों को लेकर किए जाने वाले राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन में बढ़ चढ़कर भाग लेंगे।
संघ के जिला सचिव नानक चंद खैरालिया ने सरकार पर सफाई कर्मचारी एवं दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में प्रदेश के सफाई कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही है, मगर सरकार ने प्रदेश के सफाई कर्मचारियों को मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स, पीपीई किट आदि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए। संघ नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा यदि सरकार ने 5 जुलाई तक मांगों का समाधान नहीं किया तो 6 जुलाई से शुरू होने वाली तीन दिवसीय हड़ताल को संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल में भी परिवर्तित कर देगा।
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह बालगुहेर, सैनिटेशन स्टाफ यूनियन के प्रधान राजेंद्र सिंह दहिया, ड्राइवर यूनियन के प्रधान राम किशोर त्यागी, वेद भड़ाना, सीवरमैन यूनियन के सचिव विनोद, बल्लू चिंडालिया, नरेश भगवाना, प्रेमपाल, राजवीर चिंडालिया, रघुवीर चौटाला, जितेंद्र छाबड़ा, महेंद्र कुड़िया, विजय चावला, दर्शन सिंह, राकेश चिंडालिया, सुदेश कुमार, महिला नेत्री माया, शकुंतला, कमला, ललिता भी प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
सफाई व्यवस्था हुई प्रभावित
सफाई कर्मचारियों के दो दिन के सामूहिक अवकाश पर रहने के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। दो दिन से शहर में न तो झाड़ूू लगी और न ही कूड़ा उठा। ईकोग्रीन के कर्मचारियों ने बेशक घर-घर से कूड़ा उठाया, मगर दो दिन में शहर में झाड़ू नहीं लगने के कारण शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल रहा।