सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के 18वें दिन निगम मुख्यालय पर महापंचायत आयोजित की गई। इसमें कर्मचारी संगठनों के साथ शहर की आरडब्ल्यूए, सामाजिक, धार्मिक और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर हड़ताल का समर्थन किया। वक्ताओं ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने और दलित विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
महापंचायत की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान दलीप बोहोत ने की, जबकि संचालन जिला सचिव अनिल चंडालिया ने किया। प्रदेश प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र में सहकारिता मंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर कोर्ट का बहाना बना रही है। शास्त्री ने कहा कि वार्ता विफल होने के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में मांगें मानने की बात कही गई, जो कर्मचारियों के अनुसार सही नहीं है।
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शास्त्री ने कहा कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कुछ जिलों में सफाई कर्मचारियों के खिलाफ बल प्रयोग और नेताओं की गिरफ्तारी का भी विरोध किया। महापंचायत में कांग्रेस नेता भरत अरोड़ा, हेमलता शर्मा, आरएन सिंह, जगदीश आधाना, अंश वत्स, हुकमचंद बैनीवाल, जयपाल बैनीवाल समेत कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सरकार ने कई बिंदुओं पर सैद्धांतिक सहमति जताई
फरीदाबाद। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया है। निगमायुक्त यशेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने नगर पालिका कर्मचारी संघ और फायर कर्मचारी यूनियन की मांगों पर कई बिंदुओं पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। इनमें 440 रुपये साप्ताहिक वर्दी भत्ता, समान कार्य-समान वेतन व एरियर, एलटीसी, न्यूनतम वेतन, ईएसआई-ईपीएफ और सफाई कर्मचारियों को 2,000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता शामिल हैं।
इसके अलावा अनुकंपा सहायता पांच से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने, दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख और स्थायी दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये की सहायता, चिरायु योजना में कर्मचारियों को शामिल करने तथा 20 मेडिकल व 20 आकस्मिक अवकाश देने पर भी सहमति बनी है। पालिका रोल सफाई कर्मचारियों का वेतन 19 हजार से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने पर भी विचार किया गया है। निगमायुक्त ने कर्मचारियों से शहरवासियों के हित में सहयोग की अपील की है।