मृतक सागर के परिजनों ने बताया कि सागर अपने बेटे से काफी प्यार करता था। उसने आज तक कभी भी अपने बेटे के ऊपर हाथ नहीं उठाया और ना ही उसको किसी बात के लिए डांटा। उनका कहना है कि रविवार को भी परिवार के साथ कहासुनी होने के बाद भी वह अपने बेटे को दुकान से खिलौने और खाने का सामान दिलाने के लिए ले गया था। उनके परिवार के लोगों ने बताया कि जब भी सागर बेटे से मिलने के लिए मच्छगर गांव में आता था तो वह बेटे के लिए कुछ न कुछ लेकर आता था। उसके बावजूद भी उसने अपने बेटे की हत्या की, इससे उनको काफी सदमा लगा है।
परिवार के तानों से था परेशान
मृतक के एक साथी ने बताया कि सागर सिर्फ शनिवार और रविवार को ही अपने परिवार से मिलने के लिए जाता था। उनका आरोप है कि उस दौरान भी उनसे माता-पिता सागर को किसी न किसी बात को लेकर ताने देते थे। जिस वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। उसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
यह है मामला
दयालपुर में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने अपने पांच वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या करने के बाद खुद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
पुलिस ने पिता की शिकायत पर मृतक बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस को दी शिकायत में गांव दयालपुर निवासी रुपचंद ने बताया कि उसके दो बेटे थे, जिनमें बड़ा बेटा भारत अविवाहित है, जबकि छोटा बेटा सागर शादीशुदा था। सागर की पत्नी सपना और उनका पांच वर्षीय बेटा रक्षित था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सागर परिवार के साथ अक्सर मारपीट करता था और उन्हें परेशान करता था। इससे तंग आकर करीब एक साल से वह अपनी पत्नी मंजू, बेटे भारत, बहू सपना और पोते रक्षित के साथ गांव मच्छगर में किराये पर रहने लगे थे, जबकि सागर दयालपुर स्थित मकान में अकेला रहता था। उन्होंने बताया कि सागर चालक था। वह शनिवार और रविवार को ही घर पर आता था। जब वह घर पर आता था तो वह अपने बेटे को कुछ समय के लिए अपने साथ गांव दयालपुर लेकर चला जाता था।
घर पर हुआ था किसी बात को लेकर झगड़ा
उन्होंने बताया रविवार सुबह करीब नौ बजे सागर मच्छगर पहुंचा और उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। उसके बाद सागर अपने बेटे रक्षित को अपने साथ दयालपुर ले गया। देर शाम तक जब वह बच्चे को वापस छोड़ने नहीं आया और फोन भी नहीं उठाया तो परिवार के लोग दयालपुर स्थित घर पहुंचे। वहां मकान का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों की मदद से सीढ़ी लगाकर घर में प्रवेश किया गया।
परिजनों ने बताया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो सागर छत के गाटर से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ था, जबकि मासूम रक्षित उसके शरीर से रस्सी से बंधा हुआ मिला। बच्चे की गर्दन पर निशान थे और उसकी मौत हो चुकी थी।