अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी कर चुनाव कराने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-21ए में आरडब्ल्यूए चुनाव को लेकर लोगों में विवाद चल रहा है। रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सामुदायिक भवन में वोट डाले जाएंगे। इसमें सेक्टर के प्रबुद्ध लोगों और स्थानीय निवासियों ने पूर्व गवर्निंग बॉडी की ओर से की गई अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी कर चुनाव कराने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। चुनाव कराने के लिए रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज कार्यालय की ओर से सेवानिवृत्त कर्नल संतपाल राघव को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
लोगों का कहना है कि वोट काटे जा रहे हैं। जो पूर्व गवर्निंग बॉडी के गजराज नागर प्रधान है, वे प्रधानी नहीं छोड़ना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि प्रतिमाह 1200 रुपये रखरखाव शुल्क देते हैं। इसके बावजूद उनका वोट नहीं है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि उनकी वार्षिक सदस्यता का नवीनीकरण नहीं किया गया। उन्होंने सदस्यता बहाल कराने के लिए रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज कार्यालय इलाहाबाद और चंडीगढ़ में याचिका व कानूनी आवेदन भी दिए थे। उनका कहना है कि तकनीकी बिंदुओं को आधार बनाकर सदस्यता बहाल नहीं की गई। इसके कारण उन्हें गवर्निंग बॉडी के चुनाव में मतदान और चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित कर दिया गया है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि सेक्टर की कई जनसमस्याओं के समाधान को लेकर भी पूर्व गवर्निंग बॉडी की कार्यशैली संतोषजनक नहीं रही। अनिल बजाज, एसपी शर्मा, राहुल शर्मा, वैभव कथुरिया, जीतराम वशिष्ठ, युगल किशोर शर्मा, योगेंद्र देशवाल, हरीश कुमार गुप्ता, गिरीश शर्मा, सुभाष शर्मा, राजकुमार शर्मा, कुलदीप समेत अन्य लोगों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कड़ा आक्रोश जताया।
कुछ लोगों ने चुनाव अधिकारियों की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि 26 अगस्त को रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज कार्यालय की ओर से जारी आदेशों का भी पालन नहीं किया गया। आरोप लगाया कि आदेशों की मनमाने ढंग से व्याख्या कर चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इन तमाम विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच रविवार को आरडब्ल्यूए के चुनाव होंगे। चुनाव में टीम ए की ओर से गजराज नागर और टीम बी की ओर से जीतराम वशिष्ठ के बीच मुकाबला होगा।