बच्चों को सेक्टर-8 अस्पताल किया जा रहा रेफर, मरीजों ने विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग की
हेमलता
फरीदाबाद। सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल की पहली मंजिल पर सेक्टर-7 की डिस्पेंसरी और पुरानी बिल्डिंग में आईएमटी की डिस्पेंसरी संचालित हो रही है। दोनों डिस्पेंसरी में रोजाना करीब 30 से 40 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें बच्चे भी शामिल होते हैं। लेकिन दोनों जगह बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण बच्चों को सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल में रेफर किया जाता है। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मरीजों के अनुसार, यदि किसी बच्चे को डिस्पेंसरी से सेक्टर-8 अस्पताल रेफर किया जाता है तो अस्पताल पहुंचने के बाद उसे दोबारा पंजीकरण कराकर नंबर लगवाना पड़ता है। इसमें मरीजों का काफी समय बर्बाद होता है। छोटे बच्चों को लेकर अस्पताल में दोबारा लाइन में लगना अभिभावकों के लिए परेशानी भरा रहता है। मरीजों की ओर से कई बार अधिकारियों से दोनों डिस्पेंसरी में बाल रोग विशेषज्ञ नियुक्त करने की मांग की जा चुकी है।
डिस्चार्ज के बाद भी दवा के लिए परेशानी
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती बच्चों के उपचार के बाद डिस्चार्ज करते समय कई मरीजों को बताया जाता है कि आगे की दवाएं संबंधित डिस्पेंसरी से ली जा सकती हैं। लेकिन डिस्पेंसरी में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण बच्चों से संबंधित दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अभिभावकों को दोबारा बच्चे को डिस्पेंसरी से सेक्टर-8 अस्पताल रेफर करवाना पड़ता है। इसके बाद अस्पताल से दवा मिल पाती है।
विशेषज्ञ की नियुक्ति के बाद रखी जाएंगी दवाएं
आईएमटी डिस्पेंसरी की इंचार्ज डॉ. मनु का कहना है कि डिस्पेंसरी में बच्चे मरीजों की संख्या कम होने के कारण उनकी दवाएं खराब होने का डर रहता है। इसी वजह से फिलहाल बच्चों से संबंधित दवाएं डिस्पेंसरी में नहीं रखी जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होने के बाद डिस्पेंसरी में बच्चों की जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।