नौवीं से बारहवीं कक्षा के लिए शुरू किया गया, आधुनिक तकनीक से रूबरू हो सकेंगे छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अब जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र भी आधुनिक तकनीक से रूबरू हो सकेंगे। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रदेश के 615 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रोबोटिक्स और थ्री-डी पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। इनमें फरीदाबाद के आठ विद्यालय भी शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और उन्हें रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है।
परियोजना के तहत स्कूलों में पहले से स्थापित स्टेम (एसटीईएम) प्रयोगशाला को अपग्रेड किया जाएगा। इन प्रयोगशाला में 16 से 20 टैबलेट, रोबोटिक्स किट, थ्री-डी प्रिंटर और कोडिंग सॉफ्टवेयर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण के लिए गांधी नगर (गुजरात) स्थित शिक्षण संस्थान में भेजा जाएगा ताकि वे छात्रों को नवीनतम तकनीकों के अनुरूप शिक्षित कर सकें।
क्या है स्टेम प्रयोगशाला
स्टेम (STEM) प्रयोगशाला एक ऐसा स्थान है जहां छात्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों को व्यावहारिक परियोजनाओं और प्रयोगों के माध्यम से सीखते हैं।
छात्रों को मिलेगा उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल
यह कोर्स नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए शुरू किया जाएगा। फरीदाबाद में शुरुआत में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीकरी, भनकपुर, ओल्ड फरीदाबाद स्थित कन्या विद्यालय, फरीदपुर और जसाना सहित आठ स्कूलों में यह कोर्स लागू किया जाएगा। दो निजी संस्थाओं की मदद से इन विद्यालयों में स्टेम प्रयोगशाला का संचालन किया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि रोबोटिक्स और थ्री-डी जैसी आधुनिक तकनीकों की शिक्षा से छात्रों की रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी कौशल में वृद्धि होगी। यह उन्हें भविष्य के साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित क्षेत्रों में कॅरिअर के लिए तैयार करेगा। थ्री-डी प्रिंटिंग और कोडिंग जैसी नई अवधारणाएं छात्रों को व्यावहारिक अनुभव के साथ-साथ उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान करेंगी।
रोबोटिक्स और थ्री-डी पाठ्यक्रम शुरू होने से छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि स्कूल शिक्षा के बाद उन्हें इन कोर्सों को शुरू से सीखने की आवश्यकता नहीं होगी। छात्रों और अभिभावकों को इन नई पहल के लाभों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। - श्रीकृष्ण शर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ