आरोप लगाया, 23 जून को बैठक में मानी थी मांगे, अब तक जारी नहीं हुआ पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने चालक-परिचालकों ने मांगों को मानने के बाद पत्र जारी नहीं करने पर 2 घंटे का विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि 23 जून को बैठक में जिन मांगों को माना गया था, उसको लेकर अभी तक कोई पत्र जारी नहीं किया है।
सांझा मोर्चा के प्रधान जयवीर राठी ने बताया कि उनकी मांग है कि जोखिम भत्ता देना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, चालक और परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाना, बसों का निजीकरण रोकना और किलोमीटर स्कीम को बंद करना शामिल है। इसको लेकर परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है। जिसमें कुछ मांगों को सरकार ने मान लिया था। जिसमें परिचालकों के 35400 वेतनमान दिए जाने, 1992 से 2002 के रोडवेज के सभी कर्मचारियों की तिथि से पक्का करने आदि मांगें है। महासंघ के प्रधान सोनू नागर ने बताया कि 23 जून को उनकी परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक के दौरान जिन मांगों पर सहमति बनी थी। उन्हें आज तक न तो लागू किया गया है और न ही उन्हें लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी किया गया है। पहले सरकार की ओर से पत्र जारी किया गया कि सभी कर्मचारियों को अर्जित अवकाश की छुट्टी दी जाएगी। लेकिन उसके बाद डिपो के सभी महाप्रबंधक को दूसरा पत्र जारी कर दिया कि किसी को अर्जित अवकाश का पैसा नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर उपप्रधान साहिद खान, रविंद्र नागर, अनिल, राजवीर जायसवाल, पवन यादव आदि मौजूद रहे।