दो महीने के दौरान गांव के 10 से ज्यादा कुत्तों को बना चुके हैं शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे कोट गांव में रहने वाले लोग तेंदुए के खौफ में जी रहे हैं। जिन घरों में लोगों ने कुत्ते पाल रखे हैं तेंदुआ वहां कई बार हमले की कोशिश कर चुका है। हाल ही में गांव में जोहड़ की तरफ जाने वाले रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक जंगली जानवर कैद हुआ है।
गांव कोट निवासी तेजवीर मावी ने बताया कि गांव अरावली की पहाड़ियों में बसा होने की वजह से जंगली जानवर यहां आए दिन आते रहते हैं। गांव में तेंदुए का खौफ है। उन्होंने बताया कि गांव के सभी लावारिस कुत्तों को तेंदुए अपना शिकार बना चुके हैं। उन्होंने बताया गांव के लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए कुत्तों को पाला हुआ है लेकिन वह सुरक्षित नहीं है। कुछ समय पहले उनके बाड़े के अंदर एक तेंदुआ आ गया। उनके पालतू कुत्ते जर्मन शेपर्ड ने उसका सामना किया, जिसके बाद तेंदुआ भाग गया। उन्होंने बताया पिछले 6 महीने से गांव के अंदर जंगली जीवों की हरकत कुछ ज्यादा बढ़ चुकी है। पिछले दो महीने के दौरान गांव के 10 से ज्यादा कुत्तों को तेंदुआ शिकार बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार रात को गांव में जोहड़ की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक लकड़बग्गा भी दिखाई दिया जो शिकार करने की फिराक में था। इसको लेकर उनकी ओर से कई बार फरीदाबाद वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर को शिकायत दी जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कृष्ण ने बताया कि कोट गांव अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है। वहां पर रहने वाले लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।