10 दिन तक चली पूछताछ के बावजूद स्लीपर सेल तक नहीं पहुंच सकीं जांच एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बांस रोड पाली से दो हैंडग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को गुरुवार को जिला अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसटीएफ पलवल के इंचार्ज अनिल छिल्लर की टीम ने 10 दिन का रिमांड पूरा होने के बाद संदिग्ध आतंकी को गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे जेएमआईसी संचिता सिंह की अदालत में पेश किया। यहां एसटीएफ ने आगे रिमांड बढ़वाने की अर्जी नहीं दी और उसे जेल भेजने की अर्जी दी। जिस पर अदालत ने संदिग्ध आतंकी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब 27 मार्च को आरोपी को फिर से अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
वहीं एसटीएफ के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि रिमांड के दौरान संदिग्ध आतंकी को अयोध्या में इसके घर ले जाया गया। घर पर तलाशी ली गई लेकिन वहां कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला है। इसके साथ ही आरोपी को दिल्ली निजामुद्दीन एरिया में मरकज व एक अन्य एरिया में भी ले जाया गया। जहां पर ये कई दिनों तक रहा था। 10 दिन के रिमांड के दौरान आरोपी से खुफिया एजेंसी की टीमों ने भी 3 दिन तक पूछताछ की। इस दौरान संदिग्ध आतंकी के हैंडलर अबू सूफियान के बारे में लंबी पूछताछ की गई। अबू सूफियान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) का कुख्यात संदिग्ध आतंकी है। जो युवाओं को ब्रेनवॉश कर आतंकी बनाता है।
अयोध्या में हमला करने के लिए मिले थे 1 लाख 5 हजार रुपये
रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में अब्दुल रहमान ने खुलासा किया कि उसे 1 लाख 5 हजार रुपये अलग-अलग बार में दिए गए थे। उसे दिल्ली जाकर अयोध्या राम मंदिर पर हमले के लिए विस्फोटक लेकर आने को कहा गया था। इसके लिए वो 1 मार्च को अयोध्या कैंट से ट्रेन पकड़ दिल्ली पहुंचा। लेकिन वहां से उसे फरीदाबाद के बांस रोड पाली की लोकेशन दी गई। लोकेशन के आधार पर अब्दुल यहां पहुंचा और खेतों के पास बने कमरे में गड्ढा खोदकर दबाए गए पैकेट को रिसीव किया। इसमें हमले के लिए विस्फोटक व रुपये होने की बात थी। लेकिन 2 मार्च को यहीं पर गुजरात एटीएस, एसटीएफ पलवल व खुफिया एजेंसी की टीम ने इसे पकड़ लिया। जिसके बाद दो हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर व कैश बरामद कर लिया गया था।
नीमका जेल में बंद कराया
ये सब सामान यहां गड्ढा खोदकर अबू सूफियान के भेजे गए स्लीपर सेल ने छुपाए थे। लेकिन वो यहां अब्दुल के पहुंचने से पहले ही सामान छुपाकर निकल चुका था। अब्दुल को सिर्फ लोकेशन मिली थी। जिसके चलते उससे हुई पूछताछ में भी स्लीपर सेल की कोई जानकारी जांच एजेंसी को नहीं मिल सकी। वहीं नीमका जेल में गुरुवार दोपहर बाद संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को बंद कराया गया। उसे जेल में हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है। जिस पर जेल प्रबंधन की टीम हर समय नजर रखेगी।