घुटने के कृत्रिम इम्प्लांट के मूल्य पर नियंत्रण लगाया गया जिससे सामान्य व्यक्ति के लिए अब यह सस्ती कीमत पर उपलब्ध होने लगा है, लेकिन घुटने के सरल व्यायाम की मदद से घुटने की सर्जरी से बचा सकता है।’ यह कहना है क्यूआरजी हेल्थ सिटी अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट के डायरेक्टर डा. युवराज कुमार का।
डा. युवराज ने रविवार को आम लोगों के लिए आयोजित एक स्वास्थ्य चर्चा में यह बात कही। इस चर्चा में आर्थराइटिस के परंपरागत प्रबंधन पर चर्चा की गई। करीब 140 लोगों ने इस चर्चा में भाग लिया। इसके साथ ही इन सभी लोगों ने नि:शुल्क एक्सरे स्क्रीनिंग के अलावा आर्थोपेडिक्स और फिजियोथेरेपिस्ट से निशुल्क कंसल्टेशन का लाभ उठाया।
इस अवसर पर डा. युवराज और उनकी टीम ने घुटने को मजबूत करने वाले कुछ व्यायामों का प्रदर्शन भी किया। डा. युवराज ने कहा कि घुटनों और जोड़ों के दर्द के लिए हमारी जीवनशैली की वजह से होता है।
घुटने के जोड़ों के समय से पहले क्षति के लिए मोटापा प्राथमिक कारक है। यही कारण है कि आज हम देख रहे हैं कि अधिक से अधिक युवा लोगों को घुटने बदलने की सर्जरी करा रहे हैं।
अधिक वजन होने पर अतिरिक्त हर एक किलो वजन से हमारे घुटनों पर करीब चार किलो अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए 50 किलो वजन वाले व्यक्ति के घुटनों पर 200 किलो अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ब्यूरो