इसे संयोग कहें या फिर ये कोई रणनीति। विधानसभा चुनाव के दौरान दो विधानसभा सीटों पर एक ही नाम के दो प्रत्याशी मैदान में हैं। तिगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार ललित नागर के सामने मैदान में उनके ही हमनाम ललित नागर नाम के व्यक्ति ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र भरा किया है। इसी तरह पृथला विस क्षेत्र से भाजपा से बागी उम्मीदवार नयनपाल रावत निर्दलीय ही मैदान में उतरे हैं तो वहीं से नयनपाल नाम के एक अन्य व्यक्ति ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा है।
तिगांव विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला बड़ा ही रोचक होने वाला है। यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार ललित नागर हैं तो भाजपा से पूर्व प्रत्याशी राजेश नागर पर ही अपना दांव लगाया है। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में ललित नागर ने राजेश नागर को बहुत थोड़े अंतर से हराकर विधानसभा का रुख किया था। इस बार फिर से दोनों चिरपरिचित प्रतिद्वंद्वी मैदान में हैं मगर रोचक तथ्य यह है कि इस बार इस विधानसभा से ललित नागर नाम के दो व्यक्ति मैदान में हैं। कांग्रेस प्रत्याशी के अलावा ललित नागर नाम के एक व्यक्ति ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन किया है।
इसी तरह पृथला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के बागी उम्मीदवार नयनपाल रावत ने टिकट कटने से नाराज नयनपाल होकर पार्टी को अलविदा बोल दिया था। उन्होंने भाजपा की टिकट घोषित होने के बाद गांव चंदावली में जनसभा कर शक्ति प्रदर्शन भी किया और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। यहां से भाजपा ने सोहनपाल छोंकर को अपना उम्मीदवार बनाया है। अब इसी विधानसभा क्षेत्र से उनका ही हमनाम नयनपाल नाम के एक अन्य व्यक्ति ने भी निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है।
दोनों ही विस क्षेत्र में चर्चा है कि तिगांव से कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर और पृथला से भाजपा के बागी नयनपाल रावत के वोट स्थानांतरित करवाने के लिए ऐसी साजिश रची गई है। हालांकि यह संयोग भी हो सकता है। ललित नागर, कांग्रेस प्रत्याशी, तिगांव कहते हैं कि जो लोग राजनीति में मेरे को हराने का मादा नहीं रखते हैं और उन्हें अपनी हार दिखाई दे रही है। वे ओछी हरकतों पर उतर आए हैं। मगर वे समझ ले कि इन हरकतों से चुनाव नहीं जीते जा सकते हैं।