फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से मरीजों का रेफरल बंद

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से रेफरल प्रकिया बंद करके सेक्टर-8 ईएसआई अस्पताल को सौंपी गई है। यहां से रोजाना विभिन्न बीमारियों के 25 से 30 मरीजों को निजी अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी का सामना आईसीयू और एनआईसीयू के मरीजों को करना पड़ रहा है, इससे लोग काफी परेशान है।
विज्ञापन

एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सरकार की ओर से एक बार फिर कोविड अस्पताल घोषित किया गया है। इस कारण 500 बेड के इस अस्पताल में स्त्री रोग और बाल रोग विभाग की ओपीडी को छोड़कर सभी प्रकार की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई है। अब केवल कोरोना मरीजों का यहां इलाज किया जा रहा है, अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सेक्टर-8 रेफर कर दिया जाता है। यहां जांच के बाद ही मरीजों को किसी निजी अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
अस्पताल में ओपीडी की संख्या बड़ी
सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल में सामान्य दिनों में करीब 500 मरीज ओपीडी में जांच के लिए आते हैं। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं बंद होने के बाद यहां ओपीडी मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। ईएसआई अस्पताल के अधीक्षक ने बताया ओपीडी मरीजों की संख्या बढ़कर 12 से 15 हो गई है। इसके बावजूद मरीजों को पूरा इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन

इमरजेंसी आम मरीजों के लिए बंद
एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. असीम दास ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद करने के बाद अब सामान्य मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं भी पूरी तरह बंद कर दी गई है। इमरजेंसी मरीजों को इलाज के लिए सेक्टर-8 ईएसआई अस्पताल भेजा जा रहा है।
वर्जन
अस्पताल से रोजाना करीब करीब 30 मरीजों को निजी अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इनमें वे मरीज ज्यादा है जिन्हें आंख, नाक, कान और हृदय संबंधी बीमारियां है। आईसीयू और एनआईसीयू मरीजों को अभी रेफर में कोई दिक्कत नहीं आ रही है, लेकिन निजी अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए आरक्षित बेड फुल होने के बाद समस्या बढ़ सकती है। - डॉ. पुनित बंसल, ईएसआई अस्पताल अधीक्षक, सेक्टर-8
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें