तापमान गिरने के साथ जलभराव से ऑफिस व स्कूल जाने वालों को हुई परेशानी
5.6 एमएम बारिश में डूबीं सड़कें, अंडरपास में भी सुबह के समय भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शुक्रवार सुबह से दोपहर तक हुई लगातार बारिश के कारण लोगों को काफी पेरशानी का सामना करना पड़ा। जहां एक तरफ तापमान में गिरावट दर्ज की गई वहीं बारिश व जलभराव के कारण घरों से निकलने वाले लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं मौसम में एक दम बदलाव होने के कारण बच्चों व बुजुर्ग लोगों के साथ मरीजों की समस्या और बढ़ गई। फरीदाबाद में 5.6 एमएम बारिश दर्ज की गई।
बारिश का सबसे ज्यादा असर ओल्ड फरीदाबाद और मेवला महाराजपुर रेलवे अंडरपास में देखने को मिला जहां पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं बल्लभगढ़ बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में जलभराव से बसों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा।
तापमान गिरा, ठिठुरता रहा शहर
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले में 5.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार के मुकाबले अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर शीत लहर का असर बना रहा और लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। सुबह तेज धूप और शाम को अचानक बढ़ती ठंड ने लोगों को असमंजस में डाल दिया।
सुबह की बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
सुबह के समय बारिश होने के कारण स्कूल और दफ्तर जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई इलाकों में जलभराव और फिसलन के चलते लोग घरों से निकलने में हिचकते रहे। रेलवे स्टेशन पर वेटिंग रूम की समुचित व्यवस्था न होने से यात्रियों को बारिश के दौरान चल रहा ठंडी हवा में ही ट्रेन का इंतजार करना पड़ा।
हाईवे पर एक किलोमीटर लंबा जाम
बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटा चौक, अजरौंदा चौक, सेक्टर-7-8 चौक, वाईएमसीए चौक और बल्लभगढ़ बस अड्डा चौक पर पानी भर गया। इससे हाईवे पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहन रेंगते नजर आए और कई लोग घंटों तक फंसे रहे। डबुआ कॉलोनी, 60 फुट रोड, सेक्टर-22, 23 और सेक्टर-15ए जैसे निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भरने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव
सेक्टर-10 और 11 की डिवाइडिंग रोड, सेक्टर-16 के विश्राम गृह वाली सड़क, सेक्टर-11 और 12 की सड़क, सेक्टर-6, 7, 8, 9 और 15 की मुख्य सड़कें, बीके-हार्डवेयर चौक, एयरफोर्स रोड, रेलवे रोड, गुड ईयर चौक से सेक्टर-7 तक राष्ट्रीय राजमार्ग, सेक्टर-7 और 9 की हुड्डा मार्केट समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जमा पानी के कारण पैदल राहगीरों और वाहन चालकों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ी।
नगर निगम और एफएमडीए के दावे हवा-हवाई
बारिश ने नगर निगम और एफएमडीए की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए। जलभराव से निपटने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, नालों की सफाई कराई गई और अंडरपास में हाई कैपेसिटी मोटर, पाइपलाइन और बूस्टर स्टेशन लगाए गए। अधिकारियों का दावा था कि बारिश होने पर कुछ ही देर में पानी निकाल दिया जाएगा लेकिन शुक्रवार की बारिश में ये सभी इंतजाम बेअसर नजर आए। कई निचले इलाकों में घंटों तक पानी जमा रहा।
दोपहर बाद खुला मौसम लेकिन ठंड ने बढ़ाई परेशानी
दोपहर बाद बारिश का सिलसिला थम गया और कुछ समय के लिए मौसम खुला लेकिन ठंडी हवाओं के कारण सर्दी और बढ़ गई। तापमान गिरने के साथ ही शहर में ठिठुरन का असर साफ नजर आया। शाम होते-होते लोग जगह-जगह अलाव जलाकर ठंड से बचते दिखे। चौक-चौराहों, बस स्टैंड और बाजारों में लोग आग के पास खड़े होकर हाथ तापते नजर आए।
रात में चली ठंडी हवाएं, राहगीरों और दोपहिया चालकों को दिक्कत
रात के समय ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर और तेज हो गया। पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी हवा के कारण सड़क पर चलना मुश्किल हो गया और कई लोग जल्दी घर लौटने को मजबूर दिखे। खासकर हाईवे और खुले इलाकों में हवा की गति अधिक होने से ठिठुरन बढ़ गई। देर रात तक सड़कों पर आवाजाही कम रही और लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए।