कर्मचारियों ने कहा, सुरक्षा के लिए जरूरी टीएंडपी किट तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं
भारती दुबे
फरीदाबाद। गांव जाजरू में लाइनमैन सोनू की करंट लगने से मौत के बाद बिजली कर्मचारियों में रोष फैल गया। कर्मचारियों ने बिजली निगम की सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं की कमी को लेकर विरोध जताया, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे हादसा नहीं बल्कि साजिश बताया है। घटना के बाद कर्मचारियों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सुरक्षा के लिए जरूरी टीएंडपी किट तक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि कंप्लेंट सेंटरों और बिजली दफ्तरों की हालत भी खराब है। दफ्तरों में फर्नीचर की कमी है और कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के लिए पीने के पानी तक की उचित व्यवस्था नहीं है। लंबे समय से वाटर कूलर और कोल्ड वाटर डिस्पेंसर की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कर्मचारियों के अनुसार जिले में तकनीकी कर्मचारियों और क्लर्क सहित करीब 2000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि आवश्यकता लगभग 3600 कर्मचारियों की है। स्टाफ की कमी के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
कर्मचारियों और प्रधानों ने एसई से की बैठक
हादसे के बाद फरीदाबाद सर्कल वर्क्स कमेटी के पदाधिकारियों ने अधीक्षक अभियंता जितेंद्र ढुल के साथ बैठक की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की समस्याओं और कार्यालयों में सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। जितेंद्र ढुल ने कर्मचारियों को जल्द मांगें पूरी करने और व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया।
10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया
अधीक्षक अभियंता जितेंद्र ढुल ने बताया कि हादसे के बाद एसडीओ और एक्सईएन के साथ मौके का निरीक्षण किया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि संभावना है कि आसपास किसी फैक्टरी में जनरेटर चलने के कारण लाइन में करंट आया हो, जबकि विभाग की ओर से लाइन काट दी गई थी। यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से मृतक के परिवार को नियमानुसार 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दे दिया गया है।
दस्ताने नहीं पहनने की बात भी आई सामने
जितेंद्र ढुल ने बताया कि हादसे के समय कर्मचारी ने दस्ताने नहीं पहने हुए थे। विभाग में करीब 1400 तकनीकी कर्मचारी हैं, जबकि निगम की ओर से 650 सुरक्षा किट उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करते। जिन कर्मचारियों को किट दी गई है और वे उनका उपयोग नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
करंट लगने से कर्मचारियों की मौत के प्रमुख मामले
- आकाश (उम्र 19 वर्ष) : 10 मार्च 2024 को सेक्टर-59, फरीदाबाद में बिजली लाइन का फॉल्ट ठीक करते समय करंट लगने से खंभे पर ही मौत हो गई।
- हरीश (लाइनमैन) : 18 जून 2023 को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ क्षेत्र में खंभे पर चढ़कर फॉल्ट सुधारते समय अचानक आए करंट से झुलसकर जान गई।
- मुकेश कुमार (अनुबंध कर्मचारी) : 4 सितंबर 2022 को एनआईटी फरीदाबाद इलाके में बिजली ठीक करते समय बिना शटडाउन लाइन चालू होने से दुर्घटना हुई।
- संजय (सहायक लाइनमैन) : 12 जनवरी 2022 को फरीदाबाद के ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान करंट की चपेट में आए।
- वेदप्रकाश (कर्मचारी) : 28 जुलाई 2021 को सेक्टर-22 शिकायत केंद्र क्षेत्र के पास एलटी लाइन पर काम करते समय झुलसने से जान गंवाई।
- रामनिवास (लाइनमैन) : 15 अप्रैल 2021 को फरीदाबाद के तिगांव क्षेत्र में 11 केवी लाइन पर काम करने के दौरान शटडाउन फेल होने से मौत हुई।
- सुनील कुमार (कच्चा कर्मचारी) : 5 नवंबर 2020 को फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी में खंभे पर जंपर जोड़ते समय अचानक करंट आने से नीचे गिर गए और मौत हो गई।
- सतीश कुमार : 14 अगस्त 2020 को फरीदाबाद के सेक्टर-15 में फॉल्ट ढूंढने के दौरान केबल ब्लास्ट और करंट की चपेट में आने से दम तोड़ा।
- कृष्ण पाल (लाइनमैन) : 23 मई 2019 को फरीदाबाद के धीरज नगर (अतमादपुर) में हाईटेंशन तार की मरम्मत करते समय सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण करंट लगने से शहीद हुए।
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बातचीत
कर्मचारियों को सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके कारण कर्मचारियों को काफी समस्या होती है। जान का खतरा रहता है। बिजली निगम को इस ओर ध्यान देना चाहिए। -
विनोद शर्मा राज्य मुख्य संगठक, एचएसईबी वर्कर यूनियन हरियाणा
बिजली निगम को अपनी समस्याओं के बारे में कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन हमारी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। - लेखराज चौधरी, सर्कल सचिव फरीदाबाद, एचएसईबी वर्कर यूनियन