पुनर्वास और मुआवजे की मांग, संयुक्त आयुक्त को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कार्रवाई नहीं रुकी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नेहरू कालोनी में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। नेहरू कालोनी बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में प्रभावित परिवारों ने कथित गैरकानूनी तोड़फोड़ पर रोक लगाने, नुकसान का मुआवजा देने और विस्थापित लोगों के पुनर्वास की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त आयुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
धरने की अध्यक्षता सुधा पाल, बिजेंद्र सिंह और नवल सिंह ने संयुक्त रूप से की। प्रदर्शन को सीटू के प्रदेश महासचिव जयभगवान, जिला सचिव वीरेंद्र डंगवाल, जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष सविता तथा अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। कांग्रेस नेता विवेक प्रताप सिंह भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को समर्थन देने का आश्वासन दिया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम और जिला प्रशासन ने 29 और 30 मई की रात नेहरू कालोनी में सैकड़ों मकानों और धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। उनका कहना था कि प्रभावित परिवारों को पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कालोनी में रहने वाले अधिकांश लोगों के पास राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी और बिजली कनेक्शन जैसे दस्तावेज मौजूद हैं, इसके बावजूद उन्हें अतिक्रमण करने वाला मानकर कार्रवाई की गई।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि जिन मकानों को मई के अंत में तोड़ा गया, उनसे संबंधित नोटिस बाद में जारी किए गए। उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि सरकार किसी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण करती है तो उसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया होती है, लेकिन नेहरू कालोनी के मामले में उसका पालन नहीं किया गया।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से तोड़फोड़ की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, प्रभावित परिवारों और धार्मिक स्थलों को मुआवजा देकर पुनर्स्थापित करने, न्यायिक जांच कराने तथा कालोनी में सड़क, सीवरेज, स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो नगर निगम मुख्यालय पर रोजाना धरना जारी रखा जाएगा और आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।