सोतई गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के जमीन पर कब्जा लेने का विरोध
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सोतई गांव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जमीन पर कब्जा लेने की प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को महिला किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि मुआवजे का भुगतान किए बिना उनकी जमीन पर कब्जा लिया जा रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई। महिला किसानों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया। वहीं, सदर थाना प्रभारी प्रकाशचंद ने पुलिस की ओर से किसी तरह की कार्रवाई से इनकार किया।
गौरतलब है कि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को सोतई गांव में जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई की थी। यहां करीब 1600 मीटर हिस्से की जमीन मुआवजे और स्वामित्व संबंधी विवाद के चलते एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रभावित हो रहा था। प्रशासन के अनुसार, अब इस हिस्से में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर किसानों से मुआवजे को लेकर बातचीत पहले ही हो चुकी है।
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वहीं, किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजे की राशि उनके खातों में नहीं पहुंचती, तब तक जमीन पर कब्जा नहीं लिया जाना चाहिए। किसानों ने प्रशासन से पहले भुगतान करने और उसके बाद अधिग्रहित जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। एनएचएआई के अनुसार, अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की राशि अदालत में जमा कराई जा चुकी है। अदालत के अंतिम निर्णय के बाद पात्र जमीन मालिकों को नियमानुसार मुआवजे की राशि दी जाएगी।
करीब 3630 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला ग्रीनफील्ड कॉरिडोर फरीदाबाद में लगभग आठ किलोमीटर लंबा होगा। यह सेक्टर-65 के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे लिंक रोड से शुरू होकर जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा और फरीदाबाद के करीब 12 गांवों से होकर गुजरेगा। सोतई में विवादित हिस्से की बाधा दूर होने के बाद परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।