फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: 32 हजार की रिश्वत लेकर बनाई प्रॉपर्टी आईडी, भड़की विधायक, ऑडियो वायरल

विज्ञापन
विज्ञापन
बयान आएगा..
विज्ञापन

-प्रॉपर्टी इंस्पेक्टर को जूतों से पिटवाने की धमकी, कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
फोटो-
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। 32 हजार की रिश्वत लेकर बनाई प्रॉपर्टी आईडी बनाने की बात पता चलने पर विधायक सीमा त्रिखा भड़क गई और उन्होंने नगर निगम के प्राॅपर्टी इंस्पेक्टर विजय शर्मा के हाथ-पैर तोड़ने एवं जूतों से पिटवाने की धमकी दे डाली। जिसका ऑडियो मंगलवार को वायरल हो गया। वहीं, इससे नाराज नगर निगम कर्मचारियों ने विधायक के खिलाफ निगम मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
निगम कर्मचारियों के अनुसार, तीन जुलाई को विधायक सीमा त्रिखा का फोन प्रॉपर्टी इंस्पेक्टर विजय प्रकाश के पास आया था। म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन इम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष रमेश कुमार जागलान ने बताया कि विधायक ने पांच बीपी, फ्रूट गार्डन की आईडी बनाने की एवज में 32 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। इसे लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा हाथ-पैर तोड़ने तथा जूतों से पिटवाने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि विजय प्रकाश गृहकर से संबंधित एनआईटी पांच का क्षेत्र देखते हैं। जिस मकान नंबर की आईडी बनाने का आरोप विधायक द्वारा लगाया गया है, आवेदन अभी भी मेकर लेवल पर लंबित है। कर्मचारी ने आयुक्त से अनुरोध किया है कि इस मामले की जांच की जाए कि किसके द्वारा यह कार्य किया गया है। कर्मचारी के साथ हुए दुर्व्यवहार से सभी कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारी का मान-सम्मान बहाल नहीं किया गया तो दो दिनों में सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर शाहबीर खान, अत्तर सिंह भडाना, राम बिहारी, प्रमोद रोहिल्ला, दयानन्द पाली, लालाराम नरवत, राजेंद्र सिंह, विजयपाल पटवारी, धीर सिंह, भूपसिंह, विनोद कुमार, श्यामवती, सुमन, नरेंद्र कुमार व खजान सिंह ने समेत अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन

-
निगम ने प्राॅपर्टी आईडी बनाई नहीं, तो कैसे बनी अब होगी जांच
नगर निगम में आईडी के लिए आवेदन करने के बाद दो-तीन चरणों में काम पूरा होता है। निगम के कर्मचारी कागजात जांच करने के बाद आगे फाइल बढ़ाते हैं। इसके बाद जेडटीओ से होते हुए संयुक्त आयुक्त या आयुक्त तक फाइल जाती है। अंत में प्रॉपर्टी आईडी जारी होती है। ऐसे में निगम में अभी प्रॉपर्टी आईडी अभी लंबित है। वहीं, दूसरी ओर 32 हजार रुपये देकर पांच मिनट में प्रॉपर्टी आईडी बनाने का आरोप है। निगम के अनुसार किसी तकनीकी जानकारी ने प्रॉपर्टी आईडी की खामियों का लाभ उठाया है। निगम का कहना है कि जांच में मामला साफ हो पाएगा। नगर निगम के आयुक्त जितेंद्र दहिया ने इस मामले की जांच कराने को कहा है।

प्रॉपर्टी बनवाने में कई पैसे लेते पकड़े जा चुके हैं
नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी बनवाना आसान नहीं है। याशी कंपनी की बनाई नई प्रॉपर्टी आईडी में खामियों की भरमार है। ऐसे में लोगों को इसे ठीक कराने के लिए पैसे देेने पड़ रहे हैं। हाल के दिनों में नगर निगम तीन कर्मचारी प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर पैसे लेते पकड़े जा चुके हैं। इसकी जांच एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा है।

अमर उजाला वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है
विधायक व निगम कर्मचारी के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत-

विधायक-हैलो विजय जी, राम-राम मैं त्रिखा बोल रही हूं
कर्मचारी-नमस्ते जी, प्रॉपर्टी इंस्पेक्टर हूं
-
विधायक: कौन सा एरिया देखते हैंं
कर्मचारी -एनआईटी पांच नंबर देखता हूं
-
विधायक-एनआईटी पांच में फ्रूट गार्डन देखते हैं, पांच बीपी 24 फर्स्ट फ्लोर की दो दिन पहले प्रापर्टी बनी है, किसने बनाई है
कर्मचरी-अभी प्रॉपर्टी नहीं बनी है, मैं देखकर बताता हूं बनी है, अस्थाई आईडी बनी है

विधायक-प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर रजिस्ट्री हो चुकी है
कर्मचारी-देखकर मैडम बताता हूं

विधायक-प्रॉपर्टी आईडी 32 हजार रुपये रिश्वत देकर बनी है, पीड़ित इसका एफिडेविट देने को तैयार है
कर्मचारी-मै चेक करा रहा हूं, ऑनलाइन बनती है, थर्ड पार्टी से बनी होगी
-
कर्मचारी- मैडम ऐसा नहीं है
विधायक-मेरे मुंह से गाली निकलेगी, थर्ड पार्टी को पैसे देने की क्यों जरुरत पड़ी, दल्लागिरी कर रहे हो, चौक पर जूता लगवाऊंगी, बातचीत की रिकार्डिंग कर लो, पार्टी तुम्हारे सामने नहीं, सीएम के सामने पेश हो रही है, आप के नाम पर 32 हजार कैसे लिए गए, ...तुम लोगों ने गंद मचा रखा है।
विज्ञापन

कर्मचरी- मैडम ऐसा नहीं है, जैसा आप कर रही हैं, ऐसा नहीं है..

विधायक-प्रॉपर्टी आईडी बन नहीं रही थी,पैसे देकर पांच मिनट में आईडी बन गई
विधयक-सीएम साहब इसलिए प्रॉपर्टी आईडी के लिए कैंप लगवा रहे हैं, ऐसा नहीं है, पैसा दो काम करा लो

कर्मचारी-मैडम मैंने आप के कई काम कराए हैं
विधायक-मेरा कोई काम नहीं कराया है, आम लोगों का काम किया है, कोई अहसान नहीं किया है। मेरे एरिया में घूस लेने वाले के हाथ-पैर तोड़ दूंगी, मैं अल्टीमेटम देती हूं, इसकी पूरी जानकारी निकालो, कौन इसका दलाल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें