लोक निर्माण विभाग दो बार फिजिबिलिटी रिपोर्ट मुख्यालय भेज चुका है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल पा रही
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद और नोएडा के बीच सीधा सड़क संपर्क देने वाली करीब तीन दशक पुरानी फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) परियोजना अब भी कागजी मंजूरियों में अटकी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) दो बार फिजिबिलिटी (व्यवहार्यता) रिपोर्ट मुख्यालय भेज चुका है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल पा रही है। परियोजना लटकने से फरीदाबाद से नोएडा जाने वालों को करीब एक घंटे का चक्कर लगाना पड़ रहा है। परियोजना बनने पर यही सफर करीब 10 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है।
परियोजना के फरीदाबाद हिस्से को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग ने अलग-अलग स्तर पर सर्वे कराया है। विभाग की ओर से दो बार मुख्यालय भेजी गई फिजिबिलिटी रिपोर्ट में प्रस्तावित सड़क, जमीन और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया गया है। हालांकि, मुख्यालय स्तर से अभी तक किसी सर्वे को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इससे परियोजना की आगे की प्रक्रिया शुरू होने में देरी हो रही है।
सेक्टर-88 से यमुना तक नौ किमी सड़क
फरीदाबाद में प्रस्तावित एफएनजी मार्ग सेक्टर-88 के पास से शुरू होकर खेड़ी कलां और लालपुर होते हुए यमुना किनारे पहुंचेगा। यहां करीब 550 से 600 मीटर लंबा पुल बनाकर इसे नोएडा के चक मंगरोला और सेक्टर-168 क्षेत्र से जोड़ने की योजना है। जिले के करीब आठ गांवों की जमीन परियोजना के लिए आवश्यक है। फरीदाबाद की तरफ करीब नौ किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। इसके बनने से नोएडा जाने वाले वाहन चालकों को कालिंदी कुंज होकर दिल्ली का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
यमुना पुल पर 460 करोड़ का अनुमान
यमुना पर प्रस्तावित पुल की लागत करीब 460 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसका खर्च हरियाणा और उत्तर प्रदेश द्वारा साझा किए जाने की योजना है। वहीं, फरीदाबाद हिस्से में सड़क और जमीन अधिग्रहण पर नवंबर 2024 में करीब 900 करोड़ रुपये का अनुमान था। अब जमीन और निर्माण लागत बढ़ने से कुल खर्च में इजाफा होने की संभावना है।
नोएडा में भी कई हिस्से अधूरे
करीब 56 किलोमीटर लंबी और छह लेन प्रस्तावित एफएनजी परियोजना का नोएडा वाला हिस्सा भी पूरी तरह तैयार नहीं है। नोएडा में करीब 23 किलोमीटर में से 11.6 किलोमीटर हिस्सा तैयार हुआ है। छिजारसी में 650 मीटर एलिवेटेड रोड, सोरखा के पास एक लेन और सेक्टर-143 के पास करीब 200 मीटर हिस्सा अधूरा है। हिंडन नदी के ऊपर प्रस्तावित हिस्से को भी मंजूरी का इंतजार है।
मामला विभागीय स्तर पर अटका
सरकार ने परियोजना का जिम्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपने की तैयारी की थी। इसको लेकर फरीदाबाद और नोएडा के पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की बैठक में चर्चा भी हुई। हालांकि, एनएचएआई ने परियोजना लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद मामला फिर विभागीय स्तर पर अटक गया।
इस परियोजना को लेकर पीडब्ल्यूडी की तरफ से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। समय-समय पर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा रही है।
- प्रकाश लाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, फरीदाबाद