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Faridabad News: समस्याएं स्थिर, रखरखाव शुल्क लगा रहा दौड़

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सेक्टर-81 स्थित बीपीटीपी कॉलोनी के निवासी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे संवाद कार्यक्रम
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बीपीटीपी सोसाइटी के निवासियों ने कहा- दो साल में तीन बार बढ़े शुल्क, निवासियों ने रखीं समस्याएं
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। सेक्टर-81 स्थित बीपीटीपी कॉलोनी के निवासी मूलभूत सुविधाओं की कमी और लगातार बढ़ते रखरखाव शुल्क को लेकर परेशान हैं। लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में मेंटेनेंस शुल्क तीन बार बढ़ाया जा चुका है, जिससे यह लगभग दोगुना हो गया है। इसके बावजूद सेक्टर में कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

मुकेश, अजय, धनपत, योगेश, अंकित, राज कुमार, अनिल, हरीश, सीएस, संतराम, संदीप, एसके, वीरेंद्र व अन्य निवासियों ने बताया कि सेक्टर के गेट नंबर-1 के पास लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण से शिकायत भी की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।
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निवासियों का कहना है कि पहले दिन में तीन बार पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन अब केवल दो बार ही पानी मिल रहा है। वहीं सेक्टर में धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए बिल्डर की ओर से भूमि देने की बात कही गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी कोई निर्माण नहीं हुआ। इसके अलावा सेक्टर के बाहर डिवाइडिंग रोड पर नियमित रूप से कूड़ा जमा रहने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सेक्टर में एक ही गेट से वाहनों की आवाजाही होने के कारण अक्सर जाम और असुविधा की स्थिति बनती है।



निवासियों से बातचीत

रखरखाव शुल्क लगातार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं में कोई सुधार दिखाई नहीं देता। सीवर की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। मुकेश शर्मा, आरडब्ल्यूए प्रधान
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गंदा पानी आने से परिवार के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पानी की आपूर्ति भी पहले की तुलना में कम हो गई है। राजकुमार, महासचिव


धार्मिक स्थल के लिए दी गई भूमि का कोई पता नहीं है। इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। अंकित, कोषाध्यक्ष



सड़क किनारे जमा कूड़ा पूरे क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। संबंधित विभाग को नियमित सफाई सुनिश्चित करनी चाहिए। संदीप राणा, निवासी



एक ही गेट से एंट्री और एग्जिट होने के कारण पीक आवर्स में काफी परेशानी होती है। अलग एग्जिट गेट की व्यवस्था जरूरी है। एसके सूद, निवासी



आवारा कुत्तों के कारण बच्चे और बुजुर्ग असुरक्षित महसूस करते हैं। प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। राजकुमार कोहली, निवासी
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