पहले से ही सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जूझ रहे हैं कारोबारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील के बाद औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के सराफा बाजार में चिंता बढ़ गई है। पहले से ही सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जूझ रहे स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि इस अपील का व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन व्यावहारिक रूप से एक वर्ष तक व्यापार ठप करना संभव नहीं है।
बीते एक साल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अस्थिरता के कारण सोने और चांदी के दामों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। फरीदाबाद के प्रमुख सराफा बाजारों- ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और एनआईटी के व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में पहले ही कमी थी। ऐसे में अब अगर प्रधानमंत्री की इस भावनात्मक अपील का थोड़ा भी असर हुआ तो व्यापारियों को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री की मंशा का सम्मान करते हैं
जिले के सराफा एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि पिछले एक साल से सोने के दामों में स्थिरता नहीं है, जिससे ग्राहक वैसे भी संभलकर खरीदारी कर रहा था। अब इस अपील के बाद परेशानी और बढ़ सकती है। उनका कहना है हम प्रधानमंत्री की मंशा का सम्मान करते हैं, लेकिन यह भी समझना होगा कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी इसी व्यापार से जुड़ी है। एक साल के लिए कारोबार बंद करना या ठप करना हमारे लिए संभव नहीं होगा। वहीं कुछ व्यापारियों का कहना है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हमारी नजर आगामी शादियों के सीजन पर है। भारतीय संस्कृति में शादी-ब्याह में सोने का अपना महत्व है। हमें उम्मीद है कि शादी वाले परिवार खरीदारी के लिए जरूर निकलेंगे। हालांकि, अगर इस अपील का असर सामान्य ग्राहकों पर पड़ा, तो हमें स्टॉक क्लियर करने में भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा।
बातचीत
परेशानी तो पिछले एक साल से है, जिसे जरूरत है, वह खरीदारी के लिए आ रहे हैं। ऐसे में अभी कुछ कहना गलत होगा। कुछ समय इंतजार करना जरूरी है।- एस रहमान, व्यापारी
पिछले एक साल से दाम घटने और बढ़ने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा है। अब प्रधानमंत्री की इस अपील को सुनकर मन थोड़ा परेशान हुआ है।- विनय अग्रवाल, कारोबारी
तुरंत कुछ कहना गलत होगा, शादी के सीजन के दौरान ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यदि शादियों के दौरान भी मांग में गिरावट आई, तो सराफा बाजार के लिए आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। -श्याम सुंदर गोयल, कारोबारी
प्रधानमंत्री की अपील सुनकर झटका लगा, पर जो स्थिति पिछले एक साल है, उससे खराब क्या ही होगा। उम्मीद है कि आगामी दिनों में चीजें धीरे-धीरे बेहतर ही होंगी।- रितेश सोनी, कारीगर