आशा वर्करों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मदद से खांसी और बुखार के मरीजों को जागरूक किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बचाव और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। अब अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ी आशा वर्करों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मदद से खांसी और बुखार के मरीजों को स्वाइन फ्लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) को भी संदिग्ध मामलों पर विशेष ध्यान देने और मरीज की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के चार मामले सामने आ चुके हैं। मंगलवार को कोई मामला सामने नहीं आया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा वर्करों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को खांसी-बुखार वाले मरीजों पर नजर रखने के साथ उन्हें जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक करने को कहा गया है। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसकी जानकारी विभाग तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण की संभावित कड़ी को समय रहते रोका जा सके। विभाग की ओर से निजी अस्पतालों और चिकित्सकों से भी अपील की गई है कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज सामने आने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को जरूर दें।
अस्पताल में मरीज मास्क लगाने में बरत रहे लापरवाही
स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बावजूद लोगों में सावधानी की कमी दिखाई दे रही है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में खांसी और बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन कई मरीज ओपीडी और दवा वितरण केंद्र के बाहर बिना मास्क या मुंह ढके नजर आते हैं। इससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ सकती है।
खांसी होने पर मुंह ढककर निकलें बाहर
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरजिंद्र सिंह ने बताया कि खांसी और बुखार के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खांसी होने पर घर से बाहर निकलते समय मुंह ढककर रखें और दूसरों से उचित दूरी बनाकर रहें। उन्होंने कहा कि बुखार और खांसी जैसे लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेकर जांच करवानी चाहिए। समय पर पहचान और सावधानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।