यातायात प्रभावित होने के साथ हादसों का खतरा बना रहता है
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने अभियान तेज करने की तैयारी की है। अब खुले में पशु छोड़ने वाले पशुपालकों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की योजना बनाई जा रही है। निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में करीब 10 हजार लावारिस पशु हैं। सड़कों और चौराहों पर घूमने वाले पशुओं से यातायात प्रभावित होने के साथ हादसों का खतरा भी बना रहता है।
नगर निगम के मेडिकल हेल्थ ऑफिसर (एमएचओ) नीतीश परवाल के अनुसार, कई पशुपालक अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। निगम की टीम ऐसे पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेज रही है। अब पशुपालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए पशुओं को संबंधित पशुपालकों को वापस नहीं करने की भी योजना है। अभी पहली बार पशु पकड़े जाने पर 5100 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। तीसरी बार पकड़े जाने पर पशु को नहीं छोड़ा जाता। अब निगम कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी लागू करने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
दो माह में पकड़ेंगे 2000 पशु
लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए निगम की दो कैटल कैचर गाड़ियां और 18 सदस्यीय टीम अभियान चला रही है। निगम अगले दो महीने में 2000 पशु पकड़ने का लक्ष्य है। 8 से 20 जुलाई के बीच 140 पशु पकड़े जा चुके हैं। अभियान का दायरा बढ़ाने के लिए पांच और कैटल कैचर गाड़ियां चलाने की योजना है।
पकड़े गए पशुओं को फिलहाल मवई और सूरजकुंड स्थित गोशालाओं में रखा जा रहा है। क्षमता सीमित होने के कारण करीब 2000 पशुओं को मेवात की गोशालाओं में भेजने की तैयारी है। निगम अधिकारियों का कहना है कि अधिक शिकायत वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।