सरकार ने किसानों से स्वेच्छा से जमीन देने के लिए ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन करने को कहा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव को देखते हुए सरकार करीब 40 नए सेक्टर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए जिले के 51 गांवों की लगभग 11 हजार एकड़ जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल सरकार ने किसानों से स्वेच्छा से जमीन देने के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से पेशकश मांगी है। इच्छुक किसान 31 अक्तूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
प्रस्तावित जमीन शहर के आसपास के गांवों में है। जमीन उपलब्ध होने के बाद मास्टर प्लान के अनुसार इन क्षेत्रों में आवासीय, व्यावसायिक और अन्य शहरी गतिविधियों के लिए नए सेक्टर विकसित किए जाने की संभावना है। इससे आने वाले वर्षों में शहर के बढ़ते विस्तार को योजनाबद्ध तरीके से दिशा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार प्राधिकरण के नियमों के तहत एक एकड़ जमीन देने वाले किसान को विकसित सेक्टर में एक हजार वर्गगज का आवासीय प्लॉट और 90 वर्गगज का व्यावसायिक प्लॉट देने का प्रावधान है। हालांकि, जमीन की उपलब्धता और किसानों से प्राप्त पेशकश के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
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पुराने शहर पर बढ़ रहा दबाव
जिले में पिछले कई वर्षों से शहरीकरण तेजी से बढ़ा है। ग्रेटर फरीदाबाद समेत कई क्षेत्रों में आवासीय सोसाइटियां और कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। आबादी बढ़ने के साथ सड़क, सीवर, पेयजल, सार्वजनिक परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में नए सेक्टरों के जरिये शहर का नियोजित विस्तार करने की योजना बनाई गई है। नए सेक्टर विकसित होने से आवासीय जरूरतों के साथ बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जमीन उपलब्ध हो सकेगी। संपदा अधिकारी विकास ढांडा ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत शहर का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए पहले जमीन उपलब्ध कराना जरूरी है। सरकार ने अधिसूचना जारी कर किसानों से जमीन देने की पेशकश मांगी है और उन्हें योजना की जानकारी देकर आवेदन के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।