संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। समयपूर्व जन्मे एक नवजात को दुर्लभ और गंभीर मूत्र रोग की समस्या से बचाने का मामला सामने आया है। 34 सप्ताह में जन्मे इस शिशु को जन्म के तुरंत बाद मूत्र त्यागने में कठिनाई होने लगी, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ने लगी। जांच में पोस्टेरियर यूरेथ्रल वाल्व नामक जन्मजात अवरोध का पता चला, जो उपचार न मिलने पर जानलेवा हो सकता है।
यथार्थ हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने शिशु को भर्ती कर उपचार शुरू किया। अस्पताल के अनुसार शिशु को श्वसन कष्ट और पेट में सूजन की शिकायत थी तथा मूत्र अवरोध के कारण किडनियों पर भी असर पड़ने लगा था। चिकित्सकों ने पहले कैथेटर के माध्यम से स्थिति नियंत्रित की और बाद में कम वजन की अवस्था में ही सर्जरी की तैयारी की।
डॉ. धनसुख कुमावत ने बताया कि स्थिरीकरण के बाद शिशु पर सर्जरी कर अवरोध हटाया गया, जिसके बाद उसने सामान्य रूप से मूत्र त्याग करना शुरू कर दिया।