योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की भागीदारी 65 प्रतिशत तक पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना महिलाओं और छोटे उद्यमियों के लिए आर्थिक बदलाव का एक मजबूत आधार बनती जा रही है। यह योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का सपना देखते हैं। हरियाणा में इस योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की भागीदारी लगभग 62 से 65 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
इस योजना की मदद से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अब स्वरोजगार की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। छोटे-छोटे ऋण के सहारे उन्होंने न केवल अपने व्यवसाय शुरू किए हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है। आज ये महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज में नई मिसाल कायम कर रही हैं।
सिलाई से आत्मनिर्भरता की ओर
बल्लभगढ़ स्थित तिरखा कॉलोनी निवासी सुमन देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिले ऋण से उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उनका काम बढ़ता गया और आज उनके घर पर ही एक छोटा सिलाई सेंटर चल रहा है, जहां वे स्थानीय महिलाओं के कपड़े सिलने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देती हैं।
छोटे किराना स्टोर से बड़ी पहचान तक
पल्ला निवासी रेखा शर्मा ने मुद्रा योजना के सहयोग से एक छोटा किराना स्टोर शुरू किया था। शुरुआत में दुकान सीमित ग्राहकों तक ही थी, लेकिन मेहनत और भरोसे के कारण आज उनकी दुकान पूरे इलाके में लोकप्रिय हो चुकी है। अब उनकी आमदनी पहले से कई गुना बढ़ गई है और वे अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रही हैं।
ब्यूटी पार्लर से रोजगार सृजन तक
चांदपुर निवासी पूनम कुमारी ने ब्यूटी ट्रीटमेंट का प्रशिक्षण लेने के बाद मुद्रा योजना से ऋण लेकर अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने छोटे स्तर पर काम किया, लेकिन आज उनका पार्लर एक सफल व्यवसाय बन चुका है। वे अब अन्य युवतियों को भी ब्यूटी स्किल्स सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और इसका प्रभाव
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उद्देश्य छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इस योजना के तहत शिशु, किशोर और तरुण श्रेणियों में ऋण दिया जाता है। हरियाणा में इस योजना के प्रभाव से न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि महिला सशक्तीकरण को भी मजबूती मिली है।