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Faridabad News: नमो भारत कॉरिडोर की राह में बाधा बनी बिजली लाइनें

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टीम ने फरीदाबाद में प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया
नौ स्थानों से बिजली लाइनें शिफ्ट करने पर सहमति बनी
पेयजल पाइपलाइन को दूसरी जगह स्थानांतरित करने पर भी छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण दिसंबर में शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम की संयुक्त टीम ने फरीदाबाद में प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया। टीम ने निर्माण में आने वाली तकनीकी बाधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गुरुग्राम मोड़ से सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक और ग्रेटर फरीदाबाद तक प्रस्तावित रूट पर नौ स्थानों पर बिजली की लाइनें बाधा बन रही हैं। इन्हें शिफ्ट करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा पेयजल पाइपलाइन को दूसरी जगह स्थानांतरित करने पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना से जुड़े प्रस्तावों पर अगले सप्ताह मंत्रालय में चर्चा होने की उम्मीद है।
निरीक्षण में आरआरटीएस के डिप्टी चीफ इंजीनियर प्रदीप यादव, कंसल्टेंट, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के एसडीओ और जेई तथा एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया और एफएमडीए के एसडीओ ताराचंद शामिल रहे। टीम ने सैनिक कॉलोनी के पास पावर हाउस से टी-प्वाइंट तक के हिस्से का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनखीर चौक के पास भी बिजली की लाइन हटाने की जरूरत सामने आई है। बिजली विभाग सोमवार तक इस संबंध में अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्राधिकरण को भेजेगा। इसके आधार पर बाधाओं को दूर करने की आगे की योजना तैयार की जाएगी।
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सेक्टर-28, 29 सड़क पर पानी की लाइन बन रही है बाधा
सेक्टर 28-29 सड़क पर प्रस्तावित रूट पर पेयजल पाइपलाइन परियोजना के रास्ते में बाधा बन रही है। निर्माण शुरू होने से पहले इसे दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। बिजली की लाइनों और टावरों को हटाने के साथ पानी की लाइन स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। टीम ने गुरुग्राम मोड़ पर आरआरटीएस और ईस्ट-वेस्ट परियोजना के प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण तथा दोनों परियोजनाओं के आपसी जुड़ाव की तकनीकी संभावनाएं भी जांची। इसका उद्देश्य निर्माण के दौरान संभावित अड़चनों को पहले ही दूर करना है।

दिसंबर में शुरू होगा निर्माण कार्य
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर पर करीब 19,390 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसकी खासियत यह होगी कि एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड नमो भारत और लोकल मेट्रो ट्रेनें दौड़ेंगी। इससे जमीन की जरूरत और निर्माण लागत कम होगी। फरीदाबाद में सैनिक कॉलोनी, एनआईटी, बाटा चौक और सेक्टर-87/88 चौक प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं। कॉरिडोर सेक्टर-11 और 12 की डिवाइडिंग रोड से होते हुए ग्रेटर फरीदाबाद के कई सेक्टरों को जोड़ेगा। फरीदाबाद जिले में इसकी लंबाई करीब 16 किलोमीटर होगी। आगे इसे नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे जेवर एयरपोर्ट तक करीब 20 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य है। परियोजना का निर्माण दिसंबर 2026 तक शुरू करने और 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगले सप्ताह मंत्रालय में परियोजना के प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

इन स्थानों पर शिफ्ट होंगी बिजली की लाइनें

परियोजना के प्रस्तावित रूट और आसपास के हिस्सों में कई स्थानों पर बिजली की लाइनों को शिफ्ट करना होगा। इनमें पाली पहाड़ी- सेक्टर-46 220 केवी लाइन हनुमान मंदिर के पास, पाली- एनआईटी-3 220 केवी की लाइन, एनआईटी-तीन- सेक्टर-21डी 66 केवी की लाइन, सेक्टर-15ए फोर्ड बिजलीघर की 66 केवी लाइन, बीबीएमबी- एनटीपीसी के पास 220 केवी की लाइन, बदरपुर-एनटीपीसी 220 केवी लाइन, बीपीटीपी पुल के पास बदरपुर-अलवर लाइन, पल्ला- एफजीपी की 220 केवी लाइन, अमृता अस्पताल के पास भूपानी-सेक्टर-31बिजलीघर की 66 केवी लाइन बिजली की लाइन शिफ्ट की जाएगी।
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अधिकारियों के अनुसार, रूट में आने वाले बिजली के टावरों को हटाकर स्थानांतरित किया जाएगा। बिजली लाइनों को हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने का रूट हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड प्रबंधन तय करेगा। एफएमडीए और नमो भारत आरआरटीएस प्रबंधन इन लाइनों को स्थानांतरित करेगा। वहीं ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और नमो भारत रेल के रूट में दो जगह बिजली लाइन बाधा बन रही हैं। ये पाली-एनआईटी-तीन और सेक्टर-21डी-एनआईटी-तीन शामिल हैं।
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