आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने दिया वारदात को अंजाम
कई दिनों तक महिला से बातचीत कर एफडी व एलआईसी पॉलिसी तुड़वाकर बचत खाते में ट्रांसफर कराई रकम
बाद में इस रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कराया गया
साइबर क्राइम थाना एनआईटी में दर्ज की गई एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला से एटीएस और एनआईए अधिकारी बनकर 24 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने महिला को लगभग 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट भी रखा। महिला ने पुलिस को बताया कि बाथरूम तक भी वे परमिशन लेकर ही जाने देते थे। ठगों ने कई दिनों तक महिला से बातचीत कर एफडी व एलआईसी पॉलिसी तुड़वाकर बचत खाते में रुपये ट्रांसफर कराए। बाद में बचत खाते से अपने खातों में ये रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस को शिकायत देने वाली महिला सेक्टर-21डी की रहने वाली हैं। शिकायत में उन्होंने पुलिस को बताया कि 24 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल हुआ है और उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है। महिला ने कॉल कट कर दी लेकिन अगले दिन फिर अलग नंबर से कॉल आई। आरोपियों ने पंचकूला पुलिस चौकी का इंस्पेक्टर, एटीएस अधिकारी और एनआईए चीफ बताकर उन्हें डराना शुरू कर दिया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके नाम से एक बैंक खाता खुला है, जिसमें 7 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और यह पैसा आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच चल रही है और यदि सहयोग नहीं किया तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महिला के अनुसार आरोपियों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल व एक ऐप के जरिये उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपियों ने उन्हें 24 घंटे वीडियो कॉल पर रहने के लिए मजबूर किया। आरोपियों ने जांच के नाम पर महिला की प्रॉपर्टी, बैंक खातों, एफडी आदि की जानकारी ली। फिर एफडी और पॉलिसी तुड़वाकर बचत खाते में रुपये ट्रांसफर कराए। बाद में 24.02 लाख रुपये अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा लिए। आरोपियों ने 98 हजार रुपये और ट्रांसफर करने को कहा। महिला ने अपने भाई से मदद मांगी तो उसने बताया कि ये असली पुलिस नहीं बल्कि साइबर ठग है। तब मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।