फरीदाबाद। सेक्टर-58 थाना क्षेत्र के गांव करनेरा में 13 दिन की नवजात की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत असल में हत्या थी। इसका खुलासा होने के बाद बच्ची का हत्यारा कौन है, इस बात को लेकर पुलिस के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि मासूम की जान गला दबाने से हुई है। रिपोर्ट आने के बाद से पति व पत्नी दोनों एक दूसरे के ऊपर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। अब कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ। इसकी जांच के लिए पुलिस दोनों के पॉलीग्राफी टेस्ट कराएगी।
पॉलीग्राफी टेस्ट की मंजूरी के लिए थाना पुलिस दो दिन में इलाका मजिस्ट्रेट के पास अनुमति की अर्जी लगाएगी। पुलिस का कहना है कि पॉलीग्राफी टेस्ट से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। जानकारी हो कि गांव करनेरा में 21 अक्तूबर को 13 दिन की बच्ची की मौत हो गई थी। पिता धर्मेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी थी कि करीब 14 महीने पहले पलवल निवासी बिमलेश के साथ उनकी शादी हुई थी। 9 अक्तूबर को बिमलेश ने बेटी को जन्म दिया।
धर्मेंद्र का आरोप था कि बेटी के जन्म से वह खुश नहीं थी, क्योंकि वह पहली संतान के रूप में बेटा चाहती थी। धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया था कि बेटे की लालसा में उसकी पत्नी ने बेटी का ध्यान रखना बंद कर दिया। वह उसे दूध भी नहीं पिलाती थी। 22 अक्तूबर की सुबह बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
सेक्टर-58 थाना प्रभारी भीम सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मासूम की मौत गला दबाने के कारण हुई है। उधर, अब महिला भी अपनी बेटी की हत्या का शक अपने पति पर जता रही है। सच बात जानने के लिए बच्ची के माता-पिता का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जाएगा। (संवाद)