Pollution did not stop even with drizzle, six times more toxic air than normal
फरीदाबाद। बूंदाबांदी से भी औद्योगिक नगरी में प्रदूषण कम नहीं हो रहा। मंगलवार को शहर में एक दिन की राहत के बाद फिर हवा सामान्य से छह गुणा अधिक जहरीली हो गई। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिक व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इसका मुख्य कारण मौसम को मान रहे हैं। उनका कहना है कि आसमान में छाए बादल के साथ हवा की रफ्तार कम होने से हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार मंगलवार शाम चार बजे तक फरीदाबाद का खराब श्रेणी के साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 दर्ज किया गया। जो सोमवार को दर्ज एक्यूआई 260 से 40 अंक अधिक है। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। इसके अलावा कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई। बावजूद हवा की रफ्तार कम रहने से प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं आया। हालांकि उन्होंने बताया कि बुधवार को कुछ हद तक आसमान साफ रहेगा और तेज गति से हवा चलने की भी उम्मीद है। ऐसे में प्रदूषण से राहत मिल सकती है। वहीं, लिहाजा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि लोग प्रदूषण से बचने के लिए मास्क जरूर पहनें। सुबह की सैर से परहेज करें।
चार जगहों पर सिस्टम रहा फेल
जिले में पांच जगहों पर प्रदूषण स्तर को जांचने के लिए लगाए गए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थित एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (एएक्यूएमएस) में से मंगलवार को चार खराब रहे। केवल सेक्टर-11 स्थित एएक्यूएमएस से प्रदूषण स्तर की जानकारी दर्ज की जा रही थी। बल्लभगढ़ स्थित नाथू कॉलोनी, सेक्टर-30, सेक्टर-16ए व एनआईटी में ये मशीन बंद थे। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी के चलते मंगलवार को एएक्यूएमएस कार्य नहीं किया। इसे जल्द दूर किया जाएगा।