फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: लगातार बढ़ रहा प्रदूषण, गले में खराश ने बढ़ाई परेशानी

विज्ञापन
फरीदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह छाया स्मॉग। संवाद
विज्ञापन
सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी स्मॉग गन के नाम पर खानापूर्ति कर रहा प्रशासन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। वाहनोंं से निकलता धुआं, ढाबों पर जलते तंदूर हवा को दमघोंटू बना रहे हैं। शहर में प्रदूषण का स्तर दिवाली की तुलना में कहीं ज्यादा है। प्रशासन इसको रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। सड़कों पर पानी का छिड़काव, एंटी स्मॉग गन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

बृहस्पतिवार को सुबह से ही शहर में धुंध छाई रही। इसकी वजह लोग परेशान दिखे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश जैसी समस्या महसूस हुई। बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर मास्क लगाकर निकल रहे हैं। दूषित हवा की वजह से अस्पताल में भी लंबी लाइनें नजर आ रही हैं। आने वाले समय में यह परेशानी और भी बढ़ सकती है।
विज्ञापन


दिल्ली में जहां एक ओर क्लाउड सीडिंग से वर्षा कराई जा रही है, वहीं फरीदाबाद के लोगों पर कुदरत मेहरबान है। बीते दो दिन से मौसम खराब रहने के बाद आखिरकार बृहस्पतिवार को बारिश हुई। इसकी वजह से प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार हुआ। बारिश की वजह से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि लोग पूरी तरह से मान नहीं रहे हैं कि इससे प्रदूषण का स्तर कम होगा।

दिवाली के अगले दिन प्रदूषण का स्तर 300 के आस-पास था। वर्तमान के हालात उससे कहीं ज्यादा खराब हैं। बल्लभगढ़ में प्रदूषण का स्तर 300 के भी पार पहुंच गया है। वहीं फरीदाबाद क्षेत्र में लगी चार प्रदूषण मापक मशीनों में से तीन खराब हैं। ये मशीनें बार-बार खराब हो रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लापरवाही को बयां करने के लिए यह काफी है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार बृहस्पतिवार को बल्लभगढ़ का एक्यूआई 320 दर्ज किया गया, जो दिवाली के अगले दिन 297 था। वहीं फरीदाबाद का एक्यूआई 168 दर्ज किया गया है।

प्रशासन हो रहा फेल

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण ग्रेप का दूसरा चरण लागू है। इसके बावजूद शहर में कई जगह निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं। ग्रेप के नियमों को ताक पर रखकर निर्माण करने वालों पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर के सेक्टर- 16 में निर्माण कार्य चल रहा है। इससे लगातार धूल-मिट्टी उड़ रही है। इसकी वजह से आस-पास की हवा दूषित होती जा रही है। वहीं सेक्टर-23 और एनआईटी एक मार्केट में तंदूर जल रहे हैं।
विज्ञापन


धुआं फेंक रहे वाहन, प्रदूषण प्रमाण पत्र दिखाकर बच रहे चालन

शहर में ऐसे सैकड़ों वाहन दौड़ रहे हैं, जो धुआं फेंक रहे हैं। ये वाहन चालक प्रदूषण प्रमाण पत्र दिखाकर बच निकलते हैं। सोचने वाली बात यह है कि ऐसे वाहनों को प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी कैसे हो जाता है। धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाती है।


बीते एक हफ्ते का वायु गुणवत्ता सूचकांक

दिन बल्लभगढ़ फरीदाबाद

24 अक्तूबर 92 198
25 अक्तूबर 245 198
26 अक्तूबर 319 198
27 अक्तूबर 319 198
28 अक्तूबर 319 167
29 अक्तूबर 319 अपर्याप्त डेटा
30 अक्तूबर 320 166
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें