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महिला सुरक्षा के लिए पुलिस शीघ्र करेगी सेफ सिटी परियोजना की शुरुआत : डीजीपी

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- पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने ली अधिकारियों की बैठक, कानून व्यवस्था की समीक्षा की
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फोटो-
अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर शुक्रवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा करने फरीदाबाद पहुंचे। डीजीपी ने पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेफ सिटी परियोजना पर जल्द काम शुरू होगा। पुलिस सहायता के लिए कामकाजी महिला, डायल 112 से अपने मोबाइल से रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं।

पुलिस महानिदेशक ने पत्रकारवार्ता में कहा कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना और लोगों को विशेषकर महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। महिलाओं में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से राज्य में जल्द ही सेफ सिटी परियोजना शुरू की जाएगी ताकि महिलाएं कार्यस्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक परिवहन में पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करें। इसके लिए रात के समय यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए ओला, उबर व ऑटो चालकों का डाटा एकत्रित किया जाएगा। जो महिलाएं देर रात यात्रा करती हैं, 112 नंबर पर रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं, जिससे पुलिस के पास उनका नंबर स्थाई रूप से फीड हो जाएगा। यात्रा करने वाली महिलाएं किसी भी कैब या ऑटो से यात्रा करते समय अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से चालक की फोटो खींचकर 112 पर भेज सकती हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस उस वाहन चालक या उसमें बैठी महिला से आसानी से संपर्क कर सकती है।
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स्थानीय कैब यूनियनों, ऑटो यूनियनों के साथ समन्वय स्थापित करेगी पुलिस

डीजीपी ने कहा कि सेफ सिटी परियोजना के तहत महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे ताकि उन्हें शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों पर जाते समय अपनी सुरक्षा के बारे में कोई संदेह न हो। पुलिस इस उद्देश्य के लिए स्थानीय कैब यूनियनों, ऑटो यूनियनों और सार्वजनिक ट्रांसपोर्टरों के साथ समन्वय स्थापित करेगी और उन्हें महिला सुरक्षा के संबंध में सख्त निर्देश दिए जाएंगे। ऑटो चालक को अपने ऑटो के नंबर, ऑटो चालक का नाम व मोबाइल नंबर सहित सारी जानकारी ऑटो के सामने लगानी होगी ताकि जो महिला इसमें यात्रा करे, वह इसकी फोटो खींचकर ऑटो को सारी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सके।

बीट सिस्टम में सुधार कर अपराध पर लगाया जाएगा नियंत्रण

अपराध पर अंकुश लगाने के लिए बीट सिस्टम में सुधार किया जाएगा, जिसमें ग्राम प्रहरी उसके क्षेत्र में रहने वाले हर व्यक्ति की जानकारी रखेगा। ऐसा करने से पुलिस को अपराधियों की पूरी जानकारी होगी जिससे उन्हें पकड़ने में आसानी होगी और अपराध पर भी अंकुश लगेगा। इसके साथ ही नशा तस्करी पर भी लगाम कसी जाएगी। नशे की समस्या से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस ने एक अनूठी अवधारणा शुरू की है, जिसके तहत ग्राम स्तर पर ग्राम प्रहरी और वार्ड स्तर पर वार्ड प्रहरी तैयार किए गए हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रहेगी। अच्छे कर्मचारियों को बढ़ावा दिया जाएगा और भ्रष्टाचार फैलाने वाले कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। एमसीएफ, एचएसवीपी या किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति की रिपोर्ट एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट को भेजी जाएगी, जिसमें भ्रष्टाचार साबित होने पर भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति को अटैच किया जाएगा। भ्रष्टाचार की जानकारी हो तो वह इसकी सूचना 1800 180 2022 एंटी करप्शन ब्यूरो को दें।

सड़क सुरक्षा के संबंध में किए जाएंगे आवश्यक सुधार

सड़क सुरक्षा के संबंध में बात करते हुए उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के तीन कारण होते हैं। जिसमें सड़क, वाहन या वाहन चालक इन तीनों में कुछ ना कुछ खामियां हो सकती हैं, जिसकी वजह से सड़क दुर्घटना घटित होती है। सड़क में सुधार करने के लिए सड़क सुरक्षा ऑडिट करवाया जाएगा। वहीं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जाएगा। जिन स्थानों पर सड़क दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, उन्हें चयनित किया जाएगा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अधिक से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

फीडबैक सेल के माध्यम से आमजन से लिए जाएंगे सुझाव

हरियाणा पुलिस की प्राथमिकताओं को चिन्हित करते हुए डीजीपी ने कहा कि किसी भी माध्यम से प्राप्त सार्वजनिक शिकायतों का तुरंत निपटान किया जाएगा और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के स्तर का पता लगाने के लिए फीडबैक भी लिया जाएगा। पुलिस द्वारा फीडबैक सेल स्थापित किया गया है। सेल में प्राप्त हुए सुझावों को लागू करने के बारे में विचार किया जाएगा। यह कदम पुलिस की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।
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दंगा नियंत्रण से निपटने के लिए पुलिस इकाइयों को विशेष प्रशिक्षण

कानून एवं व्यवस्था पर डीजीपी कपूर ने कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में पुलिस इकाइयों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। अत्याधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस इन पुलिस इकाइयों को इस तरह से प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि वे किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए हर समय तैयार रहें। एंटी सोशल एलिमेंट्स को ठीक करने के लिए स्वाॅट टीम बनाई गई है। डीजीपी ने कहा कि बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। नेशनल साइबर हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1930 पर दी जा सकती है। पुलिस महानिदेशक के साथ एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर ममता सिंह भी मौजूद थीं। पुलिस महानिदेशक ने सम्मान गार्द से सलामी ली और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। जिसमें पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य के साथ संयुक्त पुलिस आयुक्त ओपी नरवाल, डीसीपी हेडक्वार्टर हेमेंद्र कुमार मीणा, डीसीपी सेंट्रल पूजा वशिष्ठ, डीसीपी ट्रैफिक अमित यशवर्धन, डीसीपी क्राइम मुकेश कुमार मल्होत्रा, डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादियान, डीसीपी बल्लभगढ़ राजेश दुग्गल सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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