15 दिन नहीं होंगे शुभ कार्य, नई चीजों की खरीदारी भी नहीं हो सकेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पितृ पक्ष रविवार 7 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। पंडितों के अनुसार कई साल के बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जब इसकी शुरुआत चंद्र ग्रहण से होगी और समापन सूर्य ग्रहण से। पितृ पक्ष का आरंभ 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण के साथ होगा और समापन 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण से।
पंडित पंकज तिवारी ने बताया कि इस साल पितृपक्ष 7 सितंबर से 21 सितंबर तक रहेगा। पितृपक्ष के दौरान शुभ व मांगलिक कार्य जैसे कि शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन या नई चीजों की खरीदारी भी वर्जित होती है। इसमें केवल पितरों का श्राद्ध करने की परंपरा है। पितृ पक्ष में तिथि अनुसार ही पितरों का श्राद्ध किया जाता है। पितृपक्ष में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और अन्य धार्मिक किरया करते हैं। माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितृ धरती पर आते हैं और उनके नाम से किए गए पूजा-पाठ, दान और तर्पण से उनकी आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
बाजारों में नहीं दिखेगी रौनक
पितृपक्ष के दौरान लोग खरीदारी भी कम करते हैं। घर के जरूरी सामान के अलावा कोई और नए कपड़े या सामान नहीं खरीदते हैं। जिस वजह से इन 15 दिनों तक बाजारों में लोगों की भीड़ कम देखने को मिलेगी। वहीं दूसरी ओर दुकानदारों का मानना है कि 21 सितंबर के बाद से उनके दुकानों पर रौनक दोबारा से लौट आएगी। क्योंकि नवरात्रों के दौरान लोग शादी विवाह के अलावा त्योहारों की खरीदारी करते हैं। जिससे उनके कारोबार में वृद्धि होगी।