प्रतापगढ़ प्लांट बंद होने से निस्तारण का संकट, रोज निकल रहा 1200 से 1250 टन कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सफाई कर्मचारियों की 36 दिन की हड़ताल खत्म होने के बाद शहर में कूड़ा उठाने का काम शुरू हो गया है, लेकिन सड़कों से कूड़े के ढेर पूरी तरह नहीं हटे हैं। शहर में जगह-जगह कूड़ा जमा होने की एक वजह निस्तारण के लिए निगम के पास संयंत्र की पर्याप्त व्यवस्था का न होना है।
फरीदाबाद में रोजाना करीब 1200 से 1250 टन कूड़ा निकलता है। इसमें करीब 150 टन कूड़े का निस्तारण मुजेड़ी में लगे संयंत्र में किया जा सकता है। जबकि करीब 600 टन कूड़ा प्रतापगढ़ प्लांट भेजा जा रहा था। प्रतापगढ़ संयंत्र में निस्तारण बंद होने के बाद रोज निकलने वाले कूड़े को निपटाने के लिए नगर निगम पर दबाव बढ़ गया है। बंधवाड़ी में कूड़ा भेजने पर रोक के बाद प्रतापगढ़ को वैकल्पिक निस्तारण स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। लगातार कूड़ा पहुंचने से प्रतापगढ़ के आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में बदबू और प्रदूषण की शिकायतें सामने आई। इसके बाद वहां भी कूड़े का निस्तारण बंद हो गया।
अब शहर में नीलम चौक स्थित जिला उद्योग केंद्र के गेट के पास, एनआईटी-5 रेलवे रोड, बाटा रोड, डबुआ और सेक्टर-24 व 25 समेत कई स्थानों पर कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। कई जगह सड़क किनारे जमा कूड़े के कारण बदबू फैल रही है और लावारिस पशु भी पहुंच रहे हैं। हड़ताल के दौरान जमा हुआ कूड़ा पूरी तरह हटने से पहले ही निस्तारण की व्यवस्था अटकने से सफाई व्यवस्था पर दोहरा दबाव बन गया है।
नगर निगम की ओर से बंधवाड़ी में दोबारा कूड़ा निस्तारण की अनुमति मांगी गई है, लेकिन अभी मंजूरी नहीं मिली है। वहीं प्रतापगढ़ प्लांट बंद होने से वहां भेजे जाने वाले करीब 600 टन कूड़े के निस्तारण का विकल्प भी निगम को तलाशना पड़ रहा है।