संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। खोरी से विस्थापित लोगों ने अपने आशियाना की मांग को लेकर सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान खोरी जागृति मंच के तहत लोगों ने प्रदर्शन करते हुए खोरी के आसपास की 40 एकड़ जमीन की मांग की। यह जमीन वन विभाग के अधीन नहीं आती है। प्रदर्शन के बाद लोगों ने अतिरिक्त आयुक्त स्वप्निल पाटिल को ज्ञापन सौंपा।
मंच के प्रधान पप्पू ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि तोड़फोड़ के कारण जो लोग विस्थापित हुए हैं। उनको खोरी के आसपास की जमीन दी जाए। निगम ने डबुआ काॅलोनी और बाबू नगर में खोरी के दो हजार लोगों को फ्लैट दिए हैं, लेकिन यह फ्लैट रहने लायक नहीं है। जिस वजह से लोग लौटकर खोरी जा रहे हैं। निगम अधिकारियों को कई बार शिकायत के बाद भी फ्लैटों को सही नहीं कराया गया। इसके साथ ही लोगों के लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई।
वहीं, नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2020 में 2 हजार से अधिक मकानों को तोड़ दिया था। इसके बाद लोगों ने आशियाना के लिए खोरी जागृति मंच के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम को आदेश देते हुए कहा कि लोगों को रहने के लिए मकान उपलब्ध कराए जाए। इस मामले में अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम स्वप्निल पाटिल ने कहा कि खोरी जागृति मंच ने आशियाना उपलब्ध करवाने के लिए ज्ञापन दिया है। आचार संहिता के कारण इसकी समस्या को लेकर विचार किया जा सकता है।