फरीदाबाद। कोरोना महामारी में इलाज के दौरान ऑक्सीजन की कमी से लोग अपनी जान तक गंवा रहे हैं। वहीं जिले में ऑक्सीजन नहीं मिलने पर तीमारदारों व एजेंसी संचालकों के बीच में झड़प बढ़ती जा रही है। मंगलवार को नंगला स्थित सीमा गैस एजेंसी में ऑक्सीजन नहीं मिलने पर गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मामले की सूचना पाकर इलाके के पार्षद व अन्य लोग वहां पहुंचे और एजेंसी संचालकों से बात की। एजेंसी संचालकों के कहना था कि प्रशासन की तरफ से आदेश है कि केवल अस्पतालों के लिए ही सप्लाई दी जाए। तीमारदारों के लिए सेक्टर-24 स्थित भागीरथी गैस एजेंसी में सिलिंडर रिफिल कराने की व्यवस्था की गई है। इसके बाद पार्षद संदीप चौधरी, जयवीर खटाना व महेंद्र सिंह ने लोगों को समझाकर वापस भेजा। महेंद्र सिंह ने बताया कि लोग सुबह करीब पांच बजे से एजेंसी के सामने लाइन में खड़े थे। दोपहर करीब एक बजे एजेंसी संचालकों ने ऑक्सीजन देने से मना कर दिया जिससे लोग नाराज हो गए।
मंगलवार को भी तीमारदारों में मची रही अफरातफरी
ऑक्सीजन की किल्लत से मरीजों के तीमारदार रोजाना परेशान हो रहे हैं। मंगलवार को भी भीषण गर्मी के बीच लोग सिलिंडरों को लेकर यहां वहां भटकते रहे। सेक्टर-25 स्थित एर्गोन व हिंदुस्तान गैस एजेंसी के सामने लोगों की लंबी लाइन लगी रही। यहां लोगों की परेशानी को देखते हुए टेंट की व्यवस्था की गई है, लेकिन गर्मी के कारण लोगों का बुरा हाल था। कुछ लोग पूरे दिन गाड़ी में ही बैठे रहे शाम तक उनका नंबर ही नहीं आया। एंबुलेंस चालकों की भी लंबी लाइन लगी रही। बल्लभगढ़ की यादव कॉलोनी से गैस भरवाने आए सुरेंदर सिंह ने बताया कि वे सुबह करीब आठ बजे लाइन में लगे थे। दोपहर तीन बजे तक भी उन्हें गैस नहीं मिली। आरोप है कि कुछ लोग कई सिलिंडर लेकर लाइन में लगे हुए हैं। इस कारण बाकी लोगों को समस्या हो रही है।
भागीरथी में एक बार में बीस से ज्यादा को ऑक्सीजन नहीं
सेक्टर-24 स्थित भागीरथी गैस एजेंसी में रोजाना की तरह अफरा तफरी को देखते हुए पुलिस ने एजेंसी से करीब 100 मीटर पहले बैरिकेड लगा दिए थे। यहां एक बार में बीस लोगों को ही बैरिकेड से आगे जाने की इजाजत है। इन लोगों के सिलिंडर भरने के बाद ही बाकी लोगों को आगे जाने दिया जा रहा है। एक पीसीआर व करीब दस पुलिस कर्मी यहां व्यवस्था संभाल रहे हैं। लोगों ने सड़क पर लाइन लगाना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने सोमवार को गैस एजेंसियों का जायजा लिया था। उन्होंने एसडीएम व डीसीपी को लोगों की सहूलियत के हिसाब से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।