70 से 80 टन कूड़ा रोज डंप करने का आरोप, 100 से अधिक पुलिसकर्मी रहे तैनात
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रतापगढ़ कूड़ा निस्तारण केंद्र को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को सेक्टर-56 चौकी के सामने लोगों ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में सेक्टरवासी और ग्रामीण सड़क पर धरने पर बैठ गए। इसके साथ ही कूड़े से भरे ट्रकों का रास्ता रोक दिया। विरोध के कारण कूड़ा निस्तारण केंद्र तक कचरा पहुंचाने का काम घंटों बाधित रहा। स्थिति तनावपूर्ण होने पर मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता सुदेश डागर ने किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम प्रतापगढ़ में कूड़ा निस्तारण के नाम पर रोजाना 70 से 80 टन कूड़ा डंप कर रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि कूड़े के ढेर के कारण कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस मुद्दे को लेकर वे पार्षद, विधायक, मंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री तक को कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
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कई ट्रक चालकों को विरोध के चलते लौटना पड़ा
धरने के कारण सेक्टर-56 पुल पर कूड़े से भरे ट्रकों की लंबी कतार लग गई। कई ट्रक चालकों को विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। सेक्टरवासियों के प्रदर्शन को कांग्रेस का भी समर्थन मिला। कांग्रेस जिला अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने आरोप लगाया कि सरकार आबादी के बीच कूड़ा निस्तारण केंद्र संचालित कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री को भी दे चुके हैं ज्ञापन, पर समाधान नहीं निकला
सेक्टर-56 आरडब्ल्यूए के प्रधान सतपाल ने कहा कि घनी आबादी और सेक्टरों के बीच कूड़ा निस्तारण केंद्र संचालित होना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से क्षेत्रवासी और ग्रामीण इस केंद्र को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं निकला। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रतापगढ़ कूड़ा निस्तारण केंद्र को वैज्ञानिक तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं किया जाता, उनका आंदोलन और धरना जारी रहेगा।