संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में सभी कलाकार अपनी कला, संस्कृति व परंपरा को दर्शाने के लिए मेले में पहुंच रहे हैं। ऐसे में उज्बेकिस्तान से पहुंची मिरबोबोयेवा अपने साथ ऊन से बने उत्पाद लेकर आईं हैं। ऊन के उत्पाद लोगों को काफी भा रहे हैं। मिरबोबोयेवा पहली बार मेले में पहुंची हैं, और उन्हें यहां पहुंचकर काफी अच्छा लग रहा है।
मिरबोबोयेवा अपने साथ ऊन से बने चाबी के छल्ले, कान के कुंडल, गुड़िया, ब्रेसलेट, हेयरबैंड व अन्य उत्पाद लाई हैं। लोग न केवल उनका उत्पाद खरीद रहे हैं, बल्कि किस तरीके से इन्हें बनाया गया है। किस तरह आकार दिया गया है, उसको भी जान और सीख रहे हैं। हालांकि मिरबोबोयेवा को लोगों की भाषा समझ नहीं आ रही है, लेकिन फिर भी वे लोगों से काफी घुल- मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि इन उत्पादों को हाथ से बनाया गया है और इन्हें बनाने में काफी समय लगता है। करीब दस लोग इस कार्य में उनका साथ देते हैं। उनका कहना है कि वे यहां पहली बार आईं है। भारत आना उनका सपना था, उन्होंने यहां की संस्कृति और परंपरा के बारे में काफी सुना था। उन्हें यहां के लोगों का पहनावा काफी अच्छा लगता है। सूरजकुंड मेला कलाकारों की प्रतिभा कद निखारने के बेहतरीन मंच साबित हो रहा है।