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पवन हरसाना था शूटरों का अगला टारगेट

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पवन हरसाना था शूटरों का अगला टारगेट
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फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। भाटी हत्याकांड के बाद शूटरों का अगला टारगेट मांगर गांव निवासी पवन हरसाना था। आरोपियों ने पवन की भी रेकी का इंतजाम करना शुरू कर दिया था। भाटी की हत्या के बाद उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि वह इतनी जल्दी पकड़ में आ जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक मुजफ्फरनगर से काबू किए गए शूटरों ने खुलासा किया है कि उनका अगला टारगेट पवन हरसाना था। मनोज मांगरिया और पवन हरसाना में कई महीनों से खींचतान चल रही है। करीब दो महीने पहले भी बंधवाड़ी कूड़ा प्लांट के ठेके को लेकर दोनों गुटों में गोली चली थी। जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे। संवाद
10 हत्याओं को अंजाम दे चुका है बिट्टू
पूछताछ में सोनीपत के पीपलीखेड़ा निवासी आरोपी आर्यन उर्फ बिट्टू ने बताया कि उसने दिल्ली, यूपी व हरियाणा में अब तक 10 हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। वह उत्तरप्रदेश के सुंदर भाटी गैंग का मुख्य शूटर है। मांगरिया का खास होने की वजह से वह भाटी को मारने आया था।
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फारुख अब्दुल्ला के रिश्तेदार की भी कर चुका है हत्या
भाटी हत्याकांड में पकड़ा गया शार्प शूटर धीरेंद्र उर्फ अजय फौजी के कारनामों से क्राइम ब्रांच भी हैरान है। जांच में पाया गया है कि उसने साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक नाका तोड़ने पर ही उसने कार सवारों को गोलियों से भून दिया था। इस घटना में पांच नागरिक मारे गए व कई घायल हुए। मरने वालों में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला का रिश्तेदार भी शामिल था। घटना की जांच में अजय को दोषी पाया गया और उसे सेना से कोर्टमार्शल कर उम्रकैद की सजा मिली।
फौजी ने कमांडो की ट्रेनिंग की थी
अजय उर्फ फौजी ने कमांडो की ट्रेनिंग की हुई थी। ऐसे में वह शारीरिक रूप से काफी फिट था और उसका निशाना शायद ही कभी चूकता था। सेना में कई साल बिताने के कारण उसे अत्याधुनिक हथियार चलाने में महारथ हासिल थी। फौजी की इन खूबियों के कारण वह मांगरिया का खास आदमी बन गया था।
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मांगरिया जल्द आ सकता है पुलिस के काबू में:
भाटी हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता मनोज मांगरिया जल्द ही पुलिस के काबू में आ सकता है। वारदात में शामिल लगभग सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। 30 दिसंबर को मांगरिया की पेरोल खत्म हो रही है।
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