11 फरवरी को एसीबी की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। म्यूटेशन चढ़ाने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए पटवारी को जिला अदालत से राहत नहीं मिली। पटवारी जितेंद्र के अधिवक्ता की ओर से जिला अदालत में जमानत याचिका कर दलीलें दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध जताया गया। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने याचिका खारिज कर दी है।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पटवारी जितेंद्र और सहयोगी विनोद को सेक्टर-55 पटवार घर में 11 फरवरी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। म्यूटेशन चढ़ाने के नाम पर शिकायतकर्ता से रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार दो दुकानों की म्यूटेशन चढ़वाने के लिए वह 5 फरवरी को सेक्टर-55 स्थित पटवार घर में गया था। वहां कागज देखने के बाद पटवारी जितेंद्र ने म्यूटेशन चढ़ाने से मना कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता पटवारी के सहयोगी विनोद से मिला। उसने म्यूटेशन चढ़ाने के नाम पर 30 हजार रुपये मांगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वो फिर से पटवारी जितेंद्र से मिला तो उसने कहा कि 25 हजार में हो जाएगा। शिकायतकर्ता ने 5 हजार रुपये तभी विनोद को दे दिए। बाकी रुपये देने से पहले एसीबी को शिकायत दी तो रेड कर इन्हें गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। अब आरोपी की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है।