मरीजों ने कहा-पंजीकरण के बाद डॉक्टर से मिलने में काफी समय लगता है
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-चार स्थित सीजीएचएस के तहत संचालित डिस्पेंसरी में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि रोजाना बढ़ती भीड़ के मुकाबले डॉक्टरों की संख्या बेहद कम है, जिससे इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
मरीजों का कहना है कि सुबह से ही डिस्पेंसरी में भीड़ लगनी शुरू हो जाती है और पंजीकरण के बाद डॉक्टर से मिलने में काफी समय लग जाता है। कई मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग और बीमार लोगों को विशेष दिक्कत होती है।मरीज राकेश ने बताया कि वह सुबह ही डिस्पेंसरी आए थे। दोपहर के दो बजे तक उनका काम पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दवा लेने के लिए भी उन्हें आधे घंटे तक काउंटर पर इंतजार करना पड़ा, क्योंकि दवा वितरण काउंटर पर उस समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
वहीं आंखों की समस्या के इलाज के लिए आए मदन मोहन ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। उनका कहना है कि चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
केंद्रीय कर्मचारी आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि डिस्पेंसरी में डॉक्टरों और स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर सुविधाएं मिल सकें और अव्यवस्थाओं को दूर किया जा सके।
मेरा नंबर काफी देर बाद आया। डॉक्टर से दिखाने के बाद दवा लेने के लिए भी करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि दवा काउंटर पर उस समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। - राकेश
मैं आंख की समस्या के इलाज के लिए आया था, लेकिन यहां काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। -मदन मोहन