फरीदाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बृहस्पतिवार को प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों के साथ बैठक की। फरीदाबाद से उपायुक्त यशपाल व जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश पूनिया, कोविड-19 नोडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम भगत सहित कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिले में ऑक्सीजन सप्लाई को स्कीम बनाकर निर्बाध रूप से चालू करें। संक्रमण के मरीजों की संख्या हरियाणा के लोगों की कितनी है और बाहर के लोगों की कितनी है। इसका रिकॉर्ड भी तैयार करें।
उन्होंने कहा कि जिला फरीदाबाद में प्राइवेट अस्पतालों का डाटा तैयार करके उनके आईसीयू बेड की संख्या सहित अन्य सुविधाएं भी सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार करना सुनिश्चित करें। कोविड-19 के उपचार के लिए टोल-फ्री सेवा शुरू करें। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के लिए चिकित्सा अधिकारियों की टीम को निर्देश दे कि वे लगातार उनके साथ तालमेल स्थापित कर दवाइयों के बारे जानकारी देते रहें। सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों व अन्य गरीब परिवारों के लिए कोरोना संक्रमण से ग्रस्त लोगों के उपचार के लिए प्राइवेट अस्पतालों को भी 1 हजार रुपये प्रति दिन प्रति बिस्तर के हिसाब से 7 दिन की धनराशि मुहैया करवाई जाएगी। इसी प्रकार दूसरी घोषणा के अनुसार बीपीएल परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच हजार की धनराशि प्रति बिस्तर 7 दिनों तक उपलब्ध करवाई जाएगी। तीसरी घोषणा के अनुसार होम आइसोलेशन में रहने वाले बीपीएल परिवारों को भी 5 हजार की धनराशि प्रति मरीज के हिसाब से सरकार द्वारा सहायता राशि के तौर पर दी जाएगी।
पॉजिटिव लोगों का डाटा तीन बार अपलोड करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरएचएम पोर्टल पर डेली के हिसाब से दिन में पॉजिटिव लोगों का डाटा तीन बार अपलोड करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा जिला में ऑक्सीजन गैस व कोविड-19 की दवाइयों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं में कालाबाजारी पर अंकुश लगाएं। प्रत्येक जिले में एंबुलेंस के रेट भी उपायुक्त द्वारा निर्धारित करना सुनिश्चित हो। जो ऑक्सीजन के टैंकर आते हैं, वह भी ऑक्सीजन गैस प्लांट में निर्धारित समय पर गैस खाली करके अगले प्लांट पर समयानुसार पहुंचना सुनिश्चित करें। इस कार्य के लिए पुलिस की टीम की ड्यूटी लगाई जाए।
सामाजिक संस्थाओं का लें सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि घरों में जिन लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत हो, उसके लिए भी प्रशासन परी व्यवस्था करे। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं का सहयोग अवश्य लें। शहरी इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 का संक्रमण ज्यादा फैल रहा है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 और इस के उपचार को व्यवस्थित ढंग से चालू करें। इसके लिए ग्राम पंचायतों व अन्य सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लें। आईसीएमआर की गाइडलाइन अनुसार अधिक से अधिक लोगों की जांच करना सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के एसीए राजीव अरोड़ा और निदेशक डॉ. वीना सिंह मौजूद रहे।