- 1573 आवेदन मिले थे, 488 की हुई रजिस्ट्री, 724 के आवेदन रद्द, 804 को मिली मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम पट्टे (लीज) पर चल रही दुकानों का स्वामित्व 488 दुकानदारों को दे दिया है। इसके लिए करीब 1576 दुकानदारों से ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें से करीब 724 आवेदन रद्द हो गए। नगर निगम ने सभी आवेदकों से कहा कि 31 अक्तूबर तक इससे संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कराने को कहा है। प्रदेश में स्वामित्व योजना में फरीदाबाद 488 के साथ पहले और गुरुग्राम 467 के साथ दूसरे स्थान पर है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने जनवरी 2021 में एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें 20 साल से अधिक पट्टे/किराये की संपत्तियों के लोगों को आवेदन कर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी थी। निगम क्षेत्र में 1757 संपत्तियां लीज पर है। इसके लिए निगम को कुल 1576 आवेदन मिले हैं। इसमें से 807 आवेदनों को स्वीकृति मिल गई है। करीब 728 आवेदन रद्द हो गए हैं। 45 आवेदन कुछ कारणों से पेंडिंग है। वहीं, 702 आवेदकों ने 25 फीसदी राशि जमा करा दी है। 676 आवेदकों ने सौ फीसदी पेमेंट जमा करा दी है। इन लोगों को स्टाप पेपर समेत अन्य कागजात निगम में देकर दुकानों की रजिस्ट्री करानी है। क्षेत्रीय कराधान अधिकारी मुख्यालय सुनीता कुमारी ने बताया कि पात्रों को दुकान का मालिकाना हक दिया जा रहा है। 807 के आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में पैसे जमा कराने वालों की दुकानों की रजिस्ट्री करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोग जरूरी कागजात और पैसे जमा कराकर दुकान अपने नाम जल्द करा लें। नगर निगम ने अब पात्रों को दुकानों को लीज से फ्री होल्ड कराने 31 अक्तूबर तक की समय दी है। इस दौरान लोगों को फीस जमा करने समेत अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होगी।
देश के विभाजन के बाद आए लोगों को दी गई थी दुकानें
देश के विभाजन के बाद आए लोगों को एनआईटी में बसाया गया था और कइयों को बाद में दुकानें अलॉट की गई थी। अब कई दुकानें सड़कों के दायरे में आ गई है। ऐसे में उन्हें दुकानों का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोग सरकार से नियम में छूट देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी इस बारे में सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। ऐसे आवेदनों को रद्द कर दिया गया है।
स्वामित्व योजना के तहत पात्रों को दुकानों की रजिस्ट्री कराई जा रही है। पात्रों से अपील हैं कि सरकार की हिदायतों के अनुसार पैसा, स्टांप पेपर समेत अन्य औपचारिकताएं तय समय में पूरी कर दुकान अपने नाम करा लें।
- सुनीता कुमारी, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (मुख्यालय)