फरीदाबाद। नगर निगम आयुक्त ने सोमवार को खोरी गांव का दौरा किया। उन्होंने लोगों से धार्मिक स्थलों को तीन दिन में हटाने का आदेश दिया। वहीं मकान टूटने के बाद तंबू लगाकर रहे लोगों को भी जगह खाली करने के लिए कहा है। चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया तो नगर निगम ऐसे स्थलों को तोड़ देगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सात जुलाई को हरियाणा सरकार और नगर निगम को आदेश जारी कर अरावली में बने खोरी गांव में सभी प्रकार के अवैध निर्माणों को खाली धवस्त कर जंगल की जमीन को जंगल बनाने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर करीब डेढ़ माह की गई तोड़फोड़ के दौरान निगम ने करीब 10 हजार से अधिक मकान नगर निगम ने तोड़ दिया था। यहां करीब 15 अवैध धार्मिक स्थल अभी भी बने हुए है। इसके अलावा दिल्ली-हरियाणा सीमा पर करीब 80 मकान बने हुए है। जो सीमा विवाद के कारण नहीं तोड़े जा सके। कुछ लोग अपने टूटे मकानों की जगह तंबू लगाकर रह रहे हैं।
धार्मिक स्थलों को तोड़ने से पहले नगर निगम ने पिछले दिनों सभी धार्मिक स्थल के मालिकों को खाली करने को कहा था। इसके बावजूद लोगों ने धार्मिक स्थलों को खाली नहीं किया। 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार और नगर निगम को एक बार फिर आदेश दिया था कि अरावली में बने फार्म हाउसों सहित सभी प्रकार के अवैध निर्माणों को तोड़ कर एक माह में रिपोर्ट सौंपी जाए। सोमवार को निगमायुक्त ने अपनी टीम के साथ दौरा किया।
फार्म हाउसों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
अरावली में बने अवैध फार्म हाउसों और शिक्षण संस्थानों पर सोमवार को भी तोड़फोड़ कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम और वन विभाग अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय न होने के कारण दो दिन से तोड़फोड़ कार्रवाई को बंद रखा गया है। नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने कहा कि वन विभाग से फार्म हाउस और अन्य निर्माणों को तोड़ने के लिए लिस्ट मांगी गई थी, जो अभी तक नहीं मिली। लिस्ट मिलने पर तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वर्जन
मौके पर जाकर खोरी में बने अवैध धार्मिक स्थलों की जांच की। सभी धार्मिक स्थल मालिकों को नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया गया है। इसके बाद भी यदि धार्मिक स्थल नहीं हटाते हैं तो तोड़ दिया जाएगा। - यशपाल यादव, निगमायुक्त